भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उत्तराखंड में रजिस्टर्ड लेकिन पूरी तरह इनएक्टिव 17 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अपनी सूची से हटा दिया है। अब ये दल 2027 के विधानसभा चुनाव में अपने पार्टी सिंबल और बैनर के साथ उम्मीदवार नहीं खड़ा कर सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की जांच के बाद यह कार्रवाई हुई। इन दलों को नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने न तो अपना अस्तित्व साबित किया और न ही कोई चुनावी गतिविधि या संगठनात्मक कामकाज का दस्तावेजी सबूत पेश किया। पिछले छह साल में इनमें से किसी ने भी कोई चुनाव नहीं लड़ा। आयोग के पास दर्ज पतों पर भी ये सक्रिय नहीं मिले।
प्रभावित दलों में शामिल हैं:
– भारतीय जन क्रांति पार्टी
– हमारी जनमंच पार्टी
– मैदानी क्रांति दल
– राष्ट्रीय जन सहाय दल
– उत्तराखंड जनशक्ति पार्टी
– भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी
– भारतीय अंत्योदय पार्टी
– भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी
– गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट
(अधिकांश देहरादून पते पर पंजीकृत)
इसके अलावा हरिद्वार से राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी, भारत कौमी दल, पीपुल्स पार्टी, भारत परिवार पार्टी और भारतीय सम्राट सुभाष सेना; पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर से प्रजामंडल पार्टी; तथा नैनीताल से प्रजातंत्र पार्टी ऑफ इंडिया और सूरज सेवा दल भी सूची में हैं।
देशभर में 800 से ज्यादा राजनीतिक दल रजिस्टर्ड लेकिन निष्क्रिय
ये दल सालाना रिटर्न, चंदे की रिपोर्ट और आंतरिक चुनाव जैसी अनिवार्य कानूनी शर्तें भी पूरा नहीं कर पाए। ECI ने पहले भी स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। यह कदम आयोग के देशभर में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जिसमें 800 से ज्यादा रजिस्टर्ड लेकिन निष्क्रिय या संदिग्ध राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।
2022 विधानसभा चुनाव के समय उत्तराखंड में ऐसे 42 दल थे
2022 विधानसभा चुनाव के समय उत्तराखंड में ऐसे 42 दल थे। दूसरी ओर, 2027 चुनाव से पहले छह नए राजनीतिक संगठनों ने पंजीकरण के लिए आवेदन कर दिया है। ECI का यह फैसला राजनीतिक दलों की जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)


