प्रतिक्रिया | Friday, July 19, 2024

20/06/24 | 5:47 pm

रोजगार के र्मोचे पर अच्छी खबर, ईपीएफओ ने अप्रैल 2024 में 18.92 लाख सदस्य जोड़े

रोजगार के मोर्चे पर देश के लिए अच्छी खबर है। गुरुवार को जारी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अनंतिम पेरोल डेटा से पता चलता है कि ईपीएफओ ने अप्रैल 2024 के महीने में 18.92 लाख सदस्य जोड़े हैं। यह वृद्धि अप्रैल 2018 में पहले पेरोल डेटा प्रकाशित होने के बाद सर्वाधिक है। पिछले महीने मार्च 2024 की तुलना में चालू महीने के दौरान सदस्यों की संख्या में 31.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

ईपीएफओ डेटा के वर्ष-दर-वर्ष विश्लेषण से पता चलता है कि अप्रैल 2023 की तुलना में सदस्यों की संख्या में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सदस्यता में इस वृद्धि को विभिन्न कारकों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसमें रोजगार के अवसरों में वृद्धि, कर्मचारी लाभों के बारे में बढ़ती जागरूकता और ईपीएफओ के आउटरीच कार्यक्रमों की प्रभावशीलता शामिल है।

डेटा से पता चलता है कि अप्रैल 2024 के दौरान लगभग 8.87 लाख नए सदस्य नामांकित हुए हैं। डेटा का एक उल्लेखनीय पहलू 18-25 आयु वर्ग कर्मचारी है जो अप्रैल 2024 में जोड़े गए कुल नए सदस्यों का महत्वपूर्ण 55.50 प्रतिशत है। यह पहले की प्रवृत्ति के अनुरूप है जो दर्शाता है कि संगठित कार्यबल में शामिल होने वाले अधिकांश व्यक्ति युवा हैं, मुख्य रूप से पहली बार नौकरी करने वाले हैं।

आंकड़ों के मुताबिक लगभग 14.53 लाख सदस्य कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से बाहर निकल गए थे और बाद में इसमें शामिल हो गए। यह आंकड़ा मार्च 2024 के पिछले महीने की तुलना में 23.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इन सदस्यों ने अपनी नौकरी बदली और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों में फिर से शामिल हो गए। अंतिम निपटान के लिए आवेदन करने के बजाय अपने संचय को स्थानांतरित करने का विकल्प चुना। इस प्रकार, दीर्घकालिक वित्तीय सुविधाओं को यथावत रखा और अपनी सामाजिक सुरक्षा का विस्तार किया।

पेरोल डेटा के लिंगानुपात विश्लेषण से पता चलता है कि 8.87 लाख नए सदस्यों में से लगभग 2.49 लाख नई महिला सदस्य हैं। महीने के दौरान महिला सदस्य जुड़ाव लगभग 3.91 लाख रहा, जो मार्च 2024 के महीने की तुलना में लगभग 35.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। महिला सदस्यों में वृद्धि अधिक समावेशी और विविध कार्यबल की ओर व्यापक परिवर्तन का संकेत है।

ईपीएफओ के पेरोल डेटा के राज्यवार विश्लेषण से पता चलता है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और हरियाणा के 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सदस्य वृद्धि सबसे अधिक है । इन राज्यों में महीने के दौरान कुल 11.03 लाख सदस्य कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़ें जो सदस्यों की संख्या में वृद्धि का लगभग 58.30 प्रतिशत हिस्सा है। इस दौरान सबसे अधिक महाराष्ट्र में 20.42 प्रतिशत सदस्य जुड़ें है।

उद्योग-वार आंकड़ों की प्रत्येक महीने की तुलना के आधार पर पता चलता है कि विशेषज्ञ सेवाएं, व्यापार – वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, इलेक्ट्रिक, मैकेनिकल या सामान्य इंजीनियरिंग उत्पाद, इंजीनियर – इंजीनियरिंग ठेकेदार, स्कूल, भवन और निर्माण उद्योग, विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल आदि उद्योगों में लगे प्रतिष्ठानों में काम करने वाले सदस्यों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कुल सदस्यता में से, लगभग 41.41प्रतिशत की वृद्धि विशेषज्ञ सेवाओं (मानव शक्ति आपूर्तिकर्ताओं, सामान्य ठेकेदारों, सुरक्षा सेवाओं, विविध गतिविधियों आदि सहित) से हुई है।

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आखरी अपडेट: 19th Jul 2024