नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) की 109वीं बैठक डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) में आयोजित हुई। यह बैठक अवसंरचना परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए बुलाई गई थी। बैठक में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि परियोजनाएं पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप विकसित हो सकें।
बैठक में दो रेलवे परियोजनाओं, एक मेट्रो परियोजना और एक हवाई अड्डा परियोजना का मूल्यांकन किया गया। इन परियोजनाओं को एकीकृत मल्टीमॉडल अवसंरचना, आर्थिक एवं सामाजिक केंद्रों तक अंतिम छोर कनेक्टिविटी तथा “होल-ऑफ-गवर्नमेंट” दृष्टिकोण के आधार पर परखा गया। इन परियोजनाओं से लॉजिस्टिक्स लागत कम होने, यात्रा समय घटने और परियोजना क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जालंधर कैंट–जम्मू तवी तीसरी रेल लाइन
रेल मंत्रालय ने जालंधर कैंट और जम्मू तवी के बीच 210.75 किलोमीटर लंबी तीसरी रेलवे लाइन का प्रस्ताव रखा है। यह परियोजना पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के 27 स्टेशनों को जोड़ेगी तथा जालंधर, होशियारपुर, कांगड़ा, पठानकोट, कठुआ और सांबा जिलों से होकर गुजरेगी।
यह परियोजना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर में क्षमता बढ़ाएगी। इससे रक्षा बलों और उपकरणों की सीमावर्ती क्षेत्रों तक तेज आवाजाही संभव होगी। साथ ही कृषि उत्पाद, निर्माण सामग्री और आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में भी सुधार होगा।
माणिकपुर–इटारसी तीसरी रेल लाइन
रेल मंत्रालय ने माणिकपुर और इटारसी के बीच 518.53 किलोमीटर लंबी तीसरी रेलवे लाइन का प्रस्ताव भी रखा है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चित्रकूट, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों से होकर गुजरेगी।
यह परियोजना उत्तर और मध्य भारत के बीच महत्वपूर्ण रेल संपर्क को मजबूत करेगी। इससे रेल मार्गों पर भीड़ कम होगी, संचालन क्षमता बढ़ेगी और यात्री तथा माल परिवहन अधिक सुगम होगा। परियोजना से क्षेत्रीय आर्थिक विकास और परिवहन दक्षता में सुधार की उम्मीद है।
असम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
मिनिस्ट्री ऑफ़ सिविल एविएशन ने असम के सिलचर के डोलू क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के पास ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को पूरा करना और आधुनिक विमानन अवसंरचना उपलब्ध कराना है।
एयरपोर्ट के शुरू होने से कछार जिले और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सड़क, लॉजिस्टिक्स, होटल और शहरी अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में भी विकास होगा।
सूरत मेट्रो कॉरिडोर विस्तार
मिनिस्ट्री ऑफ़ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स (MoHUA) ने गुजरात में सूरत मेट्रो कॉरिडोर II (प्रथम चरण) का सरौली से मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तक विस्तार प्रस्तावित किया है। 4.4 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड विस्तार में तीन स्टेशन शामिल हैं, जिनमें दो भावी स्टेशनों का भी प्रावधान है। इसका उद्देश्य शहरी परिवहन को बढ़ावा देना और सूरत को क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
इस परियोजना को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए एक समर्पित फीडर के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जिससे निर्बाध अंतिम-मील कनेक्टिविटी मिलेगी। मेट्रो-हाई-स्पीड रेल के सीधे संपर्क, फीडर बस सुविधाओं और गैर-मोटर चालित परिवहन बुनियादी ढांचे सहित एकीकृत स्टेशन योजना से यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा, परिवहन के विभिन्न साधनों के एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा और समग्र परिवहन प्रणाली की दक्षता तथा स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
-(PIB)


