प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मालदीव दौरे को लेकर वहां काम कर रहे भारतीय प्रवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। माले शहर में रह रहे प्रवासी भारतीयों का कहना है कि उन्हें गर्व है कि भारत के प्रधानमंत्री उसी शहर में आ रहे हैं, जहां वे काम करते हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों से आए कई लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा जाहिर की है। साविन्दर प्रजापति ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कई बार बिहार और वहां के खानपान का जिक्र किया है, और उन्हें लिट्टी-चोखा बहुत पसंद है। उन्होंने बताया कि वे मालदीव में भी जब मन करता है, लिट्टी-चोखा बनाकर खाते हैं।
बिहार के गोपालगंज जिले से आए मनोज कुमार ने कहा, “हमारे लिए यह बहुत गर्व की बात है कि हमारे प्रधानमंत्री मालदीव आ रहे हैं। यह हम लोगों के लिए खुशी का मौका है। हाल ही में मैं बिहार गया था और अब चाहता हूं कि प्रधानमंत्री से मिल सकूं।” बिहार के ही नितेश कुमार सिंह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए स्थानीय भारतीय समुदाय ने विशेष तैयारियां की हैं।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से ताल्लुक रखने वाले नागेंद्र विश्वकर्मा ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा,“पीएम मोदी मालदीव आ रहे हैं, यह बहुत गर्व की बात है। अगर हमें उनसे मिलने का मौका मिला, तो हम बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे।” गोरखपुर के रहने वाले एक प्रवासी ने बताया कि उन्हें मालदीव में एक साल हो चुका है और यहां भारत के प्रति लोगों में काफी स्नेह है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से न केवल राजनयिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि प्रवासी भारतीयों के मनोबल को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।-(IANS)


