Print

फियो ने लॉन्च की ग्लोबल टेंडर सर्विस, भारतीय निर्यातकों की वैश्विक स्थिति होगी मजबूत

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) ने शनिवार को भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से एमएसएमई की वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करने के उद्देश्य से एक परिवर्तनकारी कदम उठाते हुए ग्लोबल टेंडर सर्विस (जीटीएस) लॉन्च की। फियो द्वारा विकसित और प्रबंधित, जीटीएस अब इंडियन ट्रेड पोर्टल पर उपलब्ध है, जो व्यापार संबंधी जानकारी और सुविधा के लिए भारत का वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म है।

धनतेरस पर जीटीएस का शुभारंभ नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक है

फियो के महानिदेशक और सीईओ डॉ. अजय सहाय ने कहा, “धनतेरस पर जीटीएस का शुभारंभ नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक है। यह केवल एक प्लेटफॉर्म भर नहीं बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए विश्व का प्रवेश द्वार है।” उन्होंने आगे कहा, “ग्लोबल टेंडर तक पहुंच को सुगम बनाकर, जीटीएस हमारे व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आत्मविश्वास और सटीकता के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाता है। यह डिजिटल, डेटा-संचालित युग के लिए भारत की निर्यात रणनीति को नया रूप देने में एक महत्वपूर्ण कदम है।” यह एक सब्सक्रिप्शन बेस्ड, रीयल-टाइम टेंडर एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म है, जो भारतीय व्यवसायों को प्रतिदिन 15,000 से अधिक लाइव इंटरनेशनल टेंडर तक पहुंच प्रदान करता है, जो 150 से अधिक देशों में 8,000 से अधिक वेरिफाइड चैनलों से प्राप्त होते हैं।

जीटीएस विश्व बैंक, एडीबी, यूनिसेफ, यूएसएआईडी और अन्य वैश्विक व राष्ट्रीय खरीद निकायों से अवसर प्राप्त करता है

फियो ने एक बयान में कहा, “प्रमुख विकास बैंकों से लेकर सरकारी एजेंसियों, पीपीपी निकायों, बहुपक्षीय संस्थानों और वैश्विक निगमों तक, जीटीएस भारतीय निर्यातकों को उन खरीद अवसरों से सीधे जोड़ता है, जो पहले बिखरे हुए, अस्पष्ट या पहुंच में कठिन थे।” जीटीएस विश्व बैंक, एडीबी, यूनिसेफ, यूएसएआईडी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं और वैश्विक स्तर पर विभिन्न राष्ट्रीय और उप-राष्ट्रीय खरीद निकायों से अवसर प्राप्त करता है।

जीटीएस का शुभारंभ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार, खासकर भारत-यूके सीईटीए में अपनी भागीदारी को मजबूत कर रहा है

फियो के अनुसार, स्मार्ट फिल्टर, क्षेत्र और क्षेत्र-विशिष्ट डैशबोर्ड और एआई-संचालित खोज क्षमताओं के साथ, जीटीएस यूजर्स को ग्लोबल टेंडर अवसरों को तेजी और सटीकता से ट्रैक करने, शॉर्टलिस्ट करने और उन पर कार्रवाई करने में सक्षम बनाता है। जीटीएस का शुभारंभ विशेष महत्व रखता है क्योंकि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं में, विशेष रूप से भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत अपनी भागीदारी को गहरा कर रहा है।

भारतीय निर्यातकों को विदेशी खरीद प्रणालियों में मजबूत, रीयल-टाइम विजिबिलिटी की आवश्यकता होगी

भारत ने पहली बार एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत अपने सरकारी खरीद क्षेत्र को खोला है, जो कि एक बड़ा नीतिगत बदलाव है और भारतीय व्यवसायों को यूके सरकार के खरीद अवसरों तक पारस्परिक पहुंच भी प्रदान करता है। जैसे-जैसे भारत अन्य व्यापार भागीदारों के साथ समान प्रावधानों के साथ आगे बढ़ेगा, भारतीय निर्यातकों को विदेशी खरीद प्रणालियों में मजबूत, रीयल-टाइम विजिबिलिटी की आवश्यकता होगी। जीटीएस उन्हें वैश्विक स्तर पर उभरती सरकारी टेंडर्स का लाभ उठाने, कॉम्प्लेक्स बिडिंग इकोसिस्टम को समझने और उभरती व्यापार प्रतिबद्धताओं के साथ तालमेल बिठाने में सक्षम बनाता है।(इनपुट-आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

1 hour ago | BJP Government

पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी पूरी, सोमवार सुबह 11 बजे 35 मंत्री लेंगे शपथ

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन का दूसरा चरण सोमवार को पूरा होने जा रहा है। सोमवार को मंत्रि...

4 hours ago | financial inclusion

पीएम स्वनिधि योजना ने स्ट्रीट वेंडर्स को दिया सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया आधार : मनोहर लाल

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...