केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में यूके के चांसलर ऑफ द एक्सचेकर जॉन हीली से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक और वित्तीय सहयोग के कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। यह मुलाकात IMF-विश्व बैंक की सालाना बैठकों के दौरान हुई। वित्त मंत्रालय ने एक्स पर जारी बयान में बताया कि सीतारमण ने पिछले आर्थिक और वित्तीय संवाद के नतीजों को आगे बढ़ाते हुए चौथे भारत-यूके वित्तीय बाजार संवाद, फिनटेक बैठकों और इससे जुड़ी आईयूकेएफपी बैठकों के सफल समापन पर चर्चा की।
साझा प्राथमिकताएं और जी-20 पर जोर
बैठक में वित्त मंत्री ने साझा प्राथमिकताओं और एक रचनात्मक तथा समावेशी जी-20 प्रक्रिया की दिशा में यूके के साथ मिलकर काम करने के भारत के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जॉन हीली को बताया कि भारत 14वें आर्थिक और वित्तीय संवाद (ईएफडी) को लेकर उत्सुक है। इसमें महत्वपूर्ण खनिजों, ग्रीन टेक और शहर-क्षेत्र साझेदारियों में सहयोग का प्रस्ताव शामिल है। दोनों पक्षों ने पुष्टि की कि अगला ईएफडी इस साल दिसंबर में आयोजित किया जाएगा।
बैंकॉक पहुंचने पर स्वागत
इससे पहले गुरुवार को बैंकॉक के सुवर्णभूमि हवाई अड्डे पर पहुंचने पर थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल ने वित्त मंत्री का स्वागत किया। थाईलैंड सरकार के वित्त मंत्रालय के ट्रेजरी विभाग के उप महानिदेशक रुएचा वराटोर्न ने भी उनका स्वागत किया।
तीन दिवसीय दौरे का उद्देश्य
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकॉक में IMF-विश्व बैंक की सालाना बैठकों में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे जी-20 और जी-7 के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंक गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठकों में भी हिस्सा लेंगी और कई देशों तथा संगठनों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगी। यह मुलाकात भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)


