बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक दिल्ली में, बांग्लादेश और नेपाल की भागीदारी तय

बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की बैठक इस सप्ताह नई दिल्ली में होने जा रही है। यह संगठन के गठन के बाद गृह मंत्रियों के स्तर की पहली बैठक होगी।

बैठक की तारीख और एजेंडा

बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) की यह महत्वपूर्ण बैठक 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित की जा रही है। बैठक में सदस्य देशों के बीच आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला, ट्रांसनेशनल क्राइम और अन्य क्रॉस-कटिंग सिक्योरिटी मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। 

इन मुद्दों की सिफारिश पहले बिम्सटेक गृह सचिवों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठकों में की गई थी। सुरक्षा सहयोग बिम्सटेक के क्षेत्रीय एजेंडे का अहम हिस्सा रहा है। 2018 में काठमांडू में हुए चौथे शिखर सम्मेलन में नेताओं ने लॉ एनफोर्समेंट, इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने का संकल्प लिया था।

नेपाल और बांग्लादेश की भागीदारी

नेपाल की ओर से गृह मंत्री सुदन गुरुंग तीन दिवसीय दौरे पर भारत आएंगे। सत्ता संभालने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। वे 12 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे और विभिन्न मंत्री स्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी करेंगे। वे तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। बांग्लादेश की न्यूज एजेंसी यूएनबी ने इसकी पुष्टि की है।

बिम्सटेक क्या है?

बिम्सटेक में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं। यह संगठन बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार, संपर्क और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। गृह मंत्रियों की यह पहली बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। (इनपुट-एजेंसी)