भारत और बेल्जियम ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से 15 जुलाई 2026 को पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता आयोजित की। दोनों देशों ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई।
यह रणनीतिक वार्ता भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) रणनीतिक साझेदारी के तहत नियमित और परिणामोन्मुख राजनीतिक संवाद का नया मंच बनेगी। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवो ने की।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, हरित ऊर्जा, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी, संपर्क, रक्षा, सुरक्षा, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों तथा लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवो ने कहा कि मार्च 2025 का बेल्जियम आर्थिक मिशन दोनों देशों के मजबूत आर्थिक संबंधों का प्रमाण है। व्यापार, निवेश और नवाचार भविष्य में सहयोग को और गति देंगे।
वहीं विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि यूरोप के साथ भारत के संबंधों में बेल्जियम का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक वार्ता दोनों देशों की साझा क्षमताओं का बेहतर उपयोग करते हुए ठोस परिणाम देने में मदद करेगी।
दोनों पक्षों ने यह भी तय किया कि इस रणनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए नियमित उच्चस्तरीय बैठकों का आयोजन किया जाएगा। वर्ष के अंत में प्रस्तावित उच्चस्तरीय यात्राओं के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया जाएगा।
रणनीतिक वार्ता के साथ ही भारत-यूरोपीय संघ व्यापार मंच का भी आयोजन किया गया, जिसमें भारत, बेल्जियम और अन्य यूरोपीय देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हुए, जबकि बेल्जियम की ओर से फ्लैंडर्स और वालोनिया के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया।
इस दौरान भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के मद्देनज़र व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
दोनों देशों ने भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत, महत्वाकांक्षी और दीर्घकालिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
-(MEA)


