ब्रिक्स महिला कार्य समूह की पहली बैठक, महिला नेतृत्व वाले विकास पर जोर

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 30 अप्रैल 2026 को वर्चुअल माध्यम से ब्रिक्स महिला कार्य समूह की पहली प्रारंभिक बैठक आयोजित की। इस बैठक में महिला नेतृत्व वाले विकास को मजबूत करने पर जोर दिया गया और महिलाओं को आर्थिक विकास, शासन तथा सामाजिक परिवर्तन के प्रमुख वाहक के रूप में मान्यता देने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

ब्रिक्स देशों और भागीदार संस्थाओं की भागीदारी

इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। साथ ही भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों के अलावा संयुक्त राष्ट्र महिला और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) जैसे ज्ञान भागीदार भी शामिल हुए। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की अपर सचिव कैरालीन खोंगवार देशमुख ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और चर्चा की रूपरेखा प्रस्तुत की।

भारत की अध्यक्षता के विषय पर आधारित चर्चा

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के थीम—“प्रतिकूल परिस्थितियों से उबरने की क्षमता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण”—से प्रेरित होकर बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें महिलाओं से जुड़े वैश्विक स्तर के साझा चुनौतियों को चार प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया। इनमें शासन और नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका, वित्तीय और डिजिटल समावेशन, महिला उद्यमिता और कौशल विकास, तथा जलवायु कार्रवाई, खाद्य सुरक्षा और पोषण में महिलाओं की भूमिका शामिल रही।

महिला नेतृत्व वाले विकास पर भारत का जोर

बैठक में इस बात को रेखांकित किया गया कि महिला नेतृत्व वाला विकास भारत की प्राथमिकताओं में शामिल है। चर्चा के दौरान यह दोहराया गया कि महिलाएं न केवल आर्थिक विकास बल्कि शासन और सामाजिक बदलाव की भी महत्वपूर्ण शक्ति हैं।

सदस्य देशों का समर्थन और आगामी कार्यक्रम

ब्रिक्स सदस्य देशों ने भारत की अध्यक्षता की सराहना की और सहयोग तथा साझा सीखने की भावना के साथ इन प्राथमिकताओं का समर्थन किया। इन चर्चाओं के निष्कर्ष आगामी ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक (6–7 जुलाई 2026, कोच्चि) और ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक (8–9 जुलाई 2026) में आगे बढ़ाए जाएंगे। (इनपुट: पीआईबी)

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