मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अपराधों पर लगाम लगाने के लिए Financial Intelligence Unit-India ने Securities and Exchange Board of India और Pension Fund Regulatory and Development Authority के साथ दो अलग-अलग समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन समझौतों का उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के बीच जानकारी साझा करने और समन्वय को मजबूत करना है, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
MoU के तहत तीनों एजेंसियां अपने-अपने डेटाबेस से संबंधित जानकारी साझा करेंगी और संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग के लिए बेहतर प्रक्रियाएं विकसित करेंगी। यह पूरी प्रक्रिया Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के नियमों के अनुसार होगी।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। एजेंसियां विदेशी वित्तीय खुफिया इकाइयों के साथ जानकारी साझा करेंगी, जो ‘Egmont Principles’ के तहत किया जाएगा।
इस साझेदारी में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी शामिल हैं, ताकि वित्तीय संस्थानों की Anti-Money Laundering (AML) और Combating Financing of Terrorism (CFT) क्षमताओं को मजबूत किया जा सके।
सरकार के अनुसार, यह सहयोग वित्तीय क्षेत्रों में जोखिमों का आकलन, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
इन समझौतों के तहत नियमित बैठकें भी होंगी, जिनमें नोडल अधिकारी आपसी जानकारी साझा करेंगे और रणनीति पर चर्चा करेंगे।
Financial Intelligence Unit-India देश की प्रमुख एजेंसी है, जो संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की निगरानी और विश्लेषण करती है, जबकि Securities and Exchange Board of India पूंजी बाजार और Pension Fund Regulatory and Development Authority पेंशन सेक्टर की निगरानी करता है।
कुल मिलाकर, यह कदम वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
-(इनपुटःएजेंसी)


