“भारत का स्टार्टअप कल्चर बहुत मजबूत, जापानी लोग इससे सीख सकते हैं”: जापान के पूर्व विदेश मंत्री तारो कोनो

जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और पूर्व विदेश मंत्री तारो कोनो ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप कल्चर बहुत मजबूत है और जापानी स्टार्टअप इससे सीख सकते हैं। बेंगलुरु और नई दिल्ली के संक्षिप्त दौरे के बाद कोनो ने कहा, “हमारा दौरा छोटा जरूर था, लेकिन बहुत रोमांचक रहा। हमें जापान से भारत की कई उम्मीदें सुनाई दीं और भविष्य के सहयोग को लेकर हमारी भी कई उम्मीदें हैं। यह मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में अच्छा कदम था।”

स्पेस स्टार्टअप्स ने किया प्रभावित

अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की प्रगति पर जोर देते हुए कोनो ने कहा, “अंतरिक्ष के क्षेत्र में 500 से ज्यादा स्टार्टअप हैं। यह अद्भुत है। भारत का स्टार्टअप कल्चर बहुत मजबूत है और मुझे लगता है कि जापानी स्टार्टअप भारत से सीख सकते हैं।” उन्होंने दोनों देशों के बीच स्टार्टअप की आवाजाही बढ़ाने की वकालत की। कोनो ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप जापानी बाजार और संसाधनों की तलाश में जापान आ सकते हैं, वहीं जापानी स्टार्टअप को वैश्विक स्तर पर (खासकर भारत में) विस्तार के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

साझेदारी को और व्यापक बनाने पर जोर

कोनो ने कहा कि भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी को सिर्फ विदेश मामलों और रक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहिए। शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम इस रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाना चाहते हैं। अर्थव्यवस्था के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक में सुरक्षा के कई क्षेत्र हैं। भारत और जापान मिलकर नई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बना सकते हैं।” युवा प्रतिभाओं के आदान-प्रदान पर भी उन्होंने जोर दिया। कोनो ने कहा कि कई युवा भारतीय टैलेंट जापान में पढ़ाई और काम करने में दिलचस्पी रखते हैं, इसलिए उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

विदेश सचिव से मुलाकात

सोमवार को नई दिल्ली में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने तारो कोनो के नेतृत्व वाले जापानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक में राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल में सांसद करेन माकिशिमा, केन्जी नाकानिशि और साको यामामोटो के साथ जापान के राजदूत ओनो केइची भी शामिल थे। यह दौरा विदेश मंत्रालय के ‘डिस्टिंग्विश्ड विजिटर्स प्रोग्राम’ के तहत हुआ। दौरे की शुरुआत बेंगलुरु से हुई, जहां प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), इसरो (ISRO) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का दौरा किया। जापान में भारतीय दूतावास ने बताया कि AI, टेक्नोलॉजी, स्पेस, रक्षा और स्टार्टअप्स में सहयोग दोनों देशों की विशेष रणनीतिक वैश्विक साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ है। (इनपुट-एजेंसी)