प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को एक्स पर एक लेख साझा किया, जिसमें बताया गया है कि किस प्रकार नीतिगत प्रोत्साहन और नवाचार भारत को वैश्विक इस्पात क्षेत्र में अग्रणी बनने की यात्रा को आकार दे रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक पोस्ट में कहा गया कि इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस से लेकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और क्लीन एनर्जी तक, स्टील उभरते भारत की रीढ़ है।
पीएमओ की ओर से केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा, “केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बताया कि नीतिगत प्रोत्साहन और इनोवेशन भारत को किस प्रकार ग्लोबल स्टील लीडर बनने की यात्रा को आकार दे रहे हैं।”
दरअसल, केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक्स पर शेयर किए गए एक पोस्ट में कहा कि भारतीय स्टील हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर की क्रांति के केंद्र में है। उन्होंने खुद के लिखे एक आर्टिकल का लिंक शेयर करते हुए लिखा, “स्टील सेक्टर एक नए भारत के उदय को आकार दे रहा है। राजमार्गों से लेकर हाई-स्पीड रेल, मेट्रो नेटवर्क से लेकर रिन्यूएबल पार्क, ईवी से लेकर डिफेंस तक, भारतीय स्टील हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर की क्रांति के केंद्र में है।”
उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक देश बन गया है। 2014 से स्टील उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है और हम 2030 के 300 मिलियन टन के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। कुमार स्वामी ने आगे बताया कि घरेलू रूप से निर्मित आयरन और स्टील उत्पाद नीति और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन जैसे दूरदर्शी सुधारों के जरिए हमने क्षमता, आत्मनिर्भरता और ग्रीन स्टील इनोवेशन को बढ़ावा दिया है।
केंद्रीय मंत्री इस्पात ने जानकारी देते हुए कहा कि आज, भारत गुणवत्तापूर्ण स्टील का निर्यात करता है, इसका निर्माण अपने बलबूते पर करता है और एमएसएमई के साथ-साथ मुख्य उद्योगों को सशक्त बनाता है। यह आत्मनिर्भर भारत बनने की प्रक्रिया है।”
उन्होंने कहा, “स्टील केवल मेटल नहीं है। यह उभरते और मजबूत भारत का आधार है।” देश का स्टील उत्पादन 2014 में 81 मिलियन टन से कुछ अधिक था। आज यह 152 मिलियन टन को पार कर गया है। यह क्षमता लगभग दोगुनी हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था है, जहां स्टील की मांग लगातार बढ़ रही है। (इनपुट-आईएएनएस)


