ट्राई ने डीआरएम आधारित डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम ऑडिट मैनुअल 2026 का मसौदा किया जारी, 30 अक्टूबर तक मांगे सुझाव

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार (प्रसारण और केबल) सेवाओं के लिए डिजिटल अधिकार प्रबंधन (डीआरएम) आधारित डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम ऑडिट मैनुअल, 2026 का मसौदा जारी किया है। प्राधिकरण ने इस पर सभी हितधारकों से 30 अक्टूबर, 2026 तक लिखित सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। इस मसौदे का उद्देश्य डीआरएम आधारित प्रणालियों के ऑडिट के लिए विस्तृत प्रक्रियाएं उपलब्ध कराना और संबंधित नियमों के अनुपालन को व्यवस्थित बनाना है।

डीआरएम प्रणालियों के ऑडिट की प्रक्रिया होगी स्पष्ट

दूरसंचार (प्रसारण और केबल) सेवा अंतर्संबंध (संबोधित प्रणाली) विनियम, 2017 के तहत टेलीविजन चैनलों के वितरकों की डिजिटल एड्रेसेबल प्रणालियों (डीएएस) का वार्षिक ऑडिट अनिवार्य है। इसमें कंडीशनल एक्सेस सिस्टम (सीएएस), सब्सक्राइबर मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस), डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट (डीआरएम) और अन्य संबंधित प्रणालियां शामिल हैं। इन विनियमों की अनुसूची X में डीआरएम आधारित प्रणालियों, विशेष रूप से आईपीटीवी आधारित वितरण सेवाओं के लिए आवश्यक प्रावधान निर्धारित किए गए हैं। ट्राई के अनुसार, इन प्रावधानों के अनुपालन की जांच के लिए विस्तृत ऑडिट प्रक्रिया संबंधी मैनुअल की आवश्यकता विभिन्न हितधारकों ने उठाई थी।

पहले जारी मैनुअल के पूरक के रूप में तैयार किया मसौदा

ट्राई ने 10 मार्च, 2026 को डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम ऑडिट मैनुअल, 2026 जारी किया था। इसमें विनियमों की अनुसूची III के अंतर्गत आने वाली प्रणालियों, जैसे सीएएस, एसएमएस और सेट-टॉप बॉक्स (एसटीबी) आधारित सिस्टम के ऑडिट के लिए खंडवार प्रक्रियाएं दी गई हैं। अब अनुसूची X के तहत डीआरएम आधारित प्रणालियों के अनुपालन की जांच के लिए अलग मसौदा तैयार किया गया है। इसे ऑडिट के दौरान वितरण प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों (डीपीओ), प्रसारकों और ऑडिटरों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में प्रस्तावित किया गया है।

एसएमएस, एन्क्रिप्शन और फिंगरप्रिंटिंग की होगी जांच

मसौदा मैनुअल में अनुसूची X के अनुपालन को सत्यापित करने के लिए विस्तृत खंडवार ऑडिट प्रक्रिया प्रस्तावित की गई है। इसमें सब्सक्राइबर मैनेजमेंट सिस्टम, कंडीशनल एक्सेस और एन्क्रिप्शन, फिंगरप्रिंटिंग तथा सेट-टॉप बॉक्स और सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के लिए डीआरएम एप्लिकेशन से संबंधित जांच शामिल है। इसके अलावा, मसौदे में प्री-सिग्नल अथवा अनुपालन ऑडिट और वार्षिक सब्सक्रिप्शन ऑडिट के दायरे, आवश्यक दस्तावेजों तथा जांच की प्रक्रियाओं का विवरण दिया गया है।

ऑडिट की समयसीमा और जिम्मेदारियां होंगी निर्धारित

मसौदे में ऑडिट पूरा करने के लिए समयसीमा निर्धारित करने का प्रावधान भी शामिल है। साथ ही, ऑडिट प्रक्रिया के दौरान वितरण प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों, प्रसारकों और ऑडिटरों की भूमिकाओं तथा जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इसके अतिरिक्त, विक्रेता घोषणाओं, ऑडिट फॉर्म और ऑडिट रिपोर्ट के लिए मानक प्रारूप प्रस्तावित किए गए हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य ऑडिट प्रक्रिया में एकरूपता लाना और अनुपालन की जांच को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

30 अक्टूबर तक भेज सकेंगे सुझाव

डीआरएम आधारित डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम ऑडिट मैनुअल, 2026 का मसौदा ट्राई की आधिकारिक वेबसाइट www.trai.gov.in पर उपलब्ध है। सभी हितधारक 30 अक्टूबर, 2026 तक अपने सुझाव, टिप्पणियां और विचार लिखित रूप में भेज सकते हैं। सुझावों के साथ उनके समर्थन में विस्तृत कारण, औचित्य और प्रासंगिक आंकड़े या साक्ष्य देने को कहा गया है। टिप्पणियां advbcs-2@trai.gov.in और jtadvbcs-3@trai.gov.in पर ईमेल के माध्यम से भेजी जा सकती हैं। अधिक जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए ट्राई की सलाहकार (बी एंड सीएस) डॉ. दीपाली शर्मा से advbcs-2@trai.gov.in पर ईमेल या +91-11-20907774 पर फोन के जरिए संपर्क किया जा सकता है। (इनपुट: पीआईबी)