प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की मेजबानी में आयोजित जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह उनका 12वां जी20 शिखर सम्मेलन था। “Inclusive and Sustainable Economic Growth Leaving No One Behind” विषय पर बोलते हुए उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के अध्यक्षता की प्रशंसा की, जिसने कौशल आधारित प्रवासन, पर्यटन, खाद्य सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवाचार और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने यह भी बताया कि नई दिल्ली G20 शिखर सम्मेलन में लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णयों पर आगे कार्य हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जी20 पहली बार अफ्रीका की धरती पर बैठक कर रहा है, ऐसे में विकास के मानकों को बदलना जरूरी है ताकि वैश्विक असंतुलन कम किया जा सके और पर्यावरण की रक्षा हो सके। उन्होंने भारत की “एकात्म मानववाद” की दर्शनशास्त्र को वैश्विक विकास के भविष्य में महत्वपूर्ण बताते हुए दुनिया से इसे अपनाने की अपील की। मोदी ने पारंपरिक ज्ञान, स्वास्थ्य क्षेत्र, क्रिटिकल मिनरल्स, सैटेलाइट डेटा एक्सेस, अफ्रीका में क्षमता निर्माण और ड्रग-टेरर नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि इससे दीर्घकालिक शांति, मज़बूती और सतत विकास सुनिश्चित होगा।
दूसरे सत्र “A Resilient World: G20 Contribution to Disaster Risk Reduction; Climate Change; Just Energy Transition; Food Systems” में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अध्यक्षता में शुरू की गई डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की निरंतरता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रतिक्रिया आधारित नहीं होना चाहिए, बल्कि विकास के केंद्र में होना चाहिए।
उन्होंने “Coalition for Disaster Resilient Infrastructure (CDRI)” को एक प्रभावी मॉडल बताया। जलवायु चुनौतियों से निपटने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने पर उन्होंने सामूहिक कार्रवाई की जरूरत दोहराई और पोषण तथा पर्यावरण-अनुकूल फसलों के रूप में मिलेट्स की भूमिका पर जोर दिया। भारत की अध्यक्षता में अपनाए गए “डेक्कन सिद्धांतों” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें खाद्य प्रणालियों पर जी20 की व्यापक रोडमैप का आधार बनना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक शासन संरचनाओं में ग्लोबल साउथ की आवाज को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने अफ्रीकन यूनियन को जी20 की स्थायी सदस्यता मिलने को ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि समावेशिता की यही भावना विश्व शासन के भविष्य को आकार देनी चाहिए।-(PIB)


