गायत्री परिवार ने महिलाओं को दिया मंत्र का अधिकार: अमित शाह

उत्तराखंड के हरिद्वार में गुरुवार को ‘अखिल विश्व गायत्री परिवार’ द्वारा माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी और अखंड दीप शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘शताब्दी वर्ष समारोह 2026’ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

पंडित श्रीराम शर्मा के कार्यों को किया याद

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने लाखों लोगों को गायत्री मंत्र, गायत्री पूजा और गायत्री साधना से जोड़ा। उन्होंने कहा, “अब इन लाखों लोगों की जिम्मेदारी है कि वे चिन्मय पंड्या के नेतृत्व में नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अगले 100 वर्षों तक इस आंदोलन को आगे बढ़ाएं। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी ने अपने जीवनकाल में कई युगों का काम किया।”

15 करोड़ से ज्यादा अनुयायी आध्यात्मिक मार्ग पर

अमित शाह ने कहा कि गायत्री परिवार के आंदोलन के तहत 15 करोड़ से ज्यादा लोग आध्यात्मिकता के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं और आज अखंड ज्योति की शताब्दी मनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 1925-26 राष्ट्रीय पुनर्जागरण का समय था और उसी काल में संघ परिवार की भी स्थापना हुई थी।

भारतीय परंपरा में निहित है विश्व की समस्याओं का समाधान

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जो लोग सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और भारत के इतिहास को गहराई से समझते हैं, उन्हें यह दृढ़ विश्वास है कि विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान भारतीय परंपरा में ही निहित है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ की भूमि है, सप्तऋषियों की तपस्या की भूमि है, जहां अनगिनत संतों ने न केवल स्वयं की आत्मा को बल्कि करोड़ों लोगों की आत्माओं को भी जागृत किया है।

आस्था, आध्यात्म और संस्कृति का संगम: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि यह स्थल आस्था, आध्यात्म और संस्कृति का संगम है। पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा ने इन तीनों को पुनर्जीवित करने के लिए व्यक्ति-निर्माण का मार्ग चुना। उन्होंने कहा, “आज अखंड ज्योति सम्मेलन में आकर मैं सही अर्थों में अखंड ऊर्जा और चेतना की अनुभूति कर रहा हूं।”

देवभूमि में महसूस होती है तपस्या की ऊर्जा

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कदम रखते ही हजारों वर्षों की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि इसी भूमि पर पंडित श्रीराम शर्मा और वंदनीय माता जी ने गायत्री ऊर्जा को जागृत करने का महान कार्य किया।

महिलाओं को मंत्र जाप का अधिकार देकर तोड़ी रूढ़ियां

शाह ने कहा कि गायत्री मंत्र ने एक तरह से आध्यात्मिक जीवन को पुनर्जीवित किया। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म में कई कठोर प्रथाएं थीं। उदाहरण के तौर पर, महिलाओं को गायत्री मंत्र का जाप करने की अनुमति नहीं थी और इसका कोई ठोस कारण भी नहीं बताया जाता था। पंडित श्रीराम शर्मा ने इस कठोर परंपरा को तोड़ने का साहसिक कार्य किया।” उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र की शक्ति के माध्यम से जाति, समुदाय या लिंग की परवाह किए बिना हर आत्मा के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया गया।

पतंजलि आपातकालीन एवं क्रिटिकल केयर अस्पताल का उद्घाटन

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ, योग गुरु रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी एवं पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण की मौजूदगी में महर्षि दयानंद ग्राम, हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में पतंजलि आपातकालीन और क्रिटिकल केयर अस्पताल के उद्घाटन समारोह में भी शामिल हुए। (इनपुट: आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

13 mins ago | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने लद्दाख में 3,350 करोड़ की 5 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लद्दाख में 3,350 करोड़...

40 mins ago | Auto sales

भारत में ऑटो बिक्री 18.2% बढ़कर 83.88 लाख यूनिट, सभी प्रमुख सेगमेंट की रिकॉर्ड बिक्री: SIAM

भारत में जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान प्रमुख वाहन श्रेणियों की घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 18.2 प्रतिश...