Print

गूगल क्लाउड भारत के छोटे और मध्यम कारोबारों के लिए लाया एआई समाधान, उत्पादकता बढ़ाने पर जोर

गूगल क्लाउड ने बुधवार को बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारत के छोटे और मध्यम आकार के कारोबारों की उत्पादकता बढ़ाने, परिचालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने और विकास में तेजी लाने में मदद कर रहा है। कंपनी ने क्लाउड डे इंडिया 2026 कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के 600 से अधिक कारोबारी और प्रौद्योगिकी जगत के नेताओं ने हिस्सा लिया।

इस कार्यक्रम में तेजी से बढ़ते छोटे और मध्यम कारोबारों तथा मध्यम आकार के उद्यमों के संस्थापक, प्रवर्तक, प्रबंध निदेशक और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ शामिल हुए। कंपनी के अनुसार, डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने, कामकाज को अधिक कुशल बनाने और कारोबार का विस्तार करने की कोशिश कर रही भारतीय कंपनियों के लिए एआई विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है।

गूगल क्लाउड ने कहा कि भारत के छोटे और मध्यम कारोबार देश को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एआई उनके विकास के अगले चरण को गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है।

कंपनी के मुताबिक, कारोबार अब एजेंटिक एआई के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इसमें बुद्धिमान प्रणालियां कारोबारी आंकड़ों का विश्लेषण कर सकती हैं, विभिन्न कार्यप्रवाहों को आपस में जोड़ सकती हैं और मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम रखते हुए काम पूरा कर सकती हैं।

हालांकि, कई कंपनियों को अब भी बिखरे हुए डेटा, पुरानी तकनीकी प्रणालियों और निवेश पर मिलने वाले लाभ को लेकर अनिश्चितता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गूगल क्लाउड ने इन समस्याओं को ‘एआई वैल्यू गैप’ यानी एआई से अपेक्षित लाभ हासिल करने और वास्तविक परिणामों के बीच का अंतर बताया।

कार्यक्रम में कंपनी ने दिखाया कि उसका एकीकृत एआई इकोसिस्टम कारोबारों को नए समाधान अपनाने में मदद कर सकता है। इसमें जेमिनी एआई मॉडल, गूगल वर्कस्पेस, डेटा एनालिटिक्स टूल और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, इन तकनीकों की मदद से कारोबारों को अपने पूरे तकनीकी ढांचे में बड़े बदलाव करने या बड़ी इंजीनियरिंग टीम रखने की आवश्यकता के बिना एआई समाधान लागू करने में मदद मिल सकती है।

गूगल क्लाउड एशिया प्रशांत क्षेत्र में छोटे और मध्यम कारोबारों की प्रबंध निदेशक तारु दहिया ने कहा कि पूरे एशिया प्रशांत क्षेत्र में वे कंपनियां आगे बढ़ रही हैं, जो एआई को निरंतर विकास के माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत के छोटे और मध्यम आकार के कारोबार भी इस बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं।

गूगल क्लाउड ने उन भारतीय कंपनियों के उदाहरण भी पेश किए, जो अपने कारोबार में सुधार के लिए उसकी एआई और क्लाउड तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं।

कपड़ों के ब्रांड सियाराम्स ने 40,000 से अधिक उत्पादों की मांग का अनुमान लगाने के लिए एआई आधारित प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और इन्वेंट्री प्रबंधन उपकरण अपनाए हैं। कंपनी जनरेटिव एआई का इस्तेमाल मार्केटिंग सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक आसान और तेज बनाने के लिए भी कर रही है।

-(इनपुटः आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

3 hours ago | BRESE 2026

प्रधानमंत्री 2 नवंबर को भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो का करेंगे उद्घाटन, 130 से अधिक देशों की भागीदारी की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्...

3 hours ago | democratic values

लोकतंत्र में मतभेद हों, लेकिन आपसी सम्मान और गरिमा बनी रहे: ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को लोकतंत्र में विचारों और दृष्टिकोणों की भिन्नता के बावजूद ...