08/05/26 | 3:00 pm | एआई | गूगल

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भारत में एआई अवसंरचना और ड्रोन निर्माण में निवेश तलाश रही गूगल

गूगल भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसंरचना तथा सर्वर और ड्रोन निर्माण से जुड़े नए निवेश अवसरों की तलाश कर रही है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि कंपनी भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसंरचना विकास और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्रों में संभावनाओं का आकलन कर रही है।

उन्होंने कहा कि गूगल भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसंरचना के साथ-साथ सर्वर और ड्रोन निर्माण में निवेश की संभावनाएं तलाश रही है।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया भर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमताओं और डाटा केंद्रों के विस्तार में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।

हाल ही में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने घोषणा की थी कि कंपनी इस वर्ष अपने पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 185 अरब डॉलर करेगी, जिसका बड़ा हिस्सा कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसंरचना पर खर्च होगा।

पिछले महीने आयोजित ‘गूगल क्लाउड नेक्स्ट 2026’ सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि कंपनी की मशीन लर्निंग कंप्यूटिंग क्षमता का आधे से अधिक हिस्सा अब क्लाउड कारोबार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

गूगल पहले ही Andhra Pradesh में 15 अरब डॉलर के निवेश की योजना की घोषणा कर चुकी है, जिसके तहत विशाखापत्तनम में गीगावॉट स्तर का कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा।

इस परियोजना के तहत कंपनी ने अप्रैल में AdaniConneX और Nxtra by Airtel के साथ साझेदारी में ‘इंडिया एआई हब’ परियोजना पर काम शुरू किया था।

कंपनी ने इसे भारत के डिजिटल भविष्य में अब तक का अपना सबसे बड़ा निवेश बताया था। इस परियोजना में तीन डाटा सेंटर परिसरों में फैला देश का पहला गीगावॉट स्तर का एआई हब और 1 गीगावॉट क्षमता वाला हाइपरस्केल एआई डाटा सेंटर शामिल होगा।

आंध्र प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए तुर्लुवाडा, रामबिल्ली और आदविवारम क्षेत्रों में लगभग 600 एकड़ भूमि आवंटित की है।

अश्विनी वैष्णव ने 28 अप्रैल को आयोजित शिलान्यास समारोह में कहा था कि मजबूत नीतिगत समर्थन और बढ़ती तकनीकी क्षमता के कारण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला में विश्वसनीय वैश्विक साझेदार बनने की स्थिति में है।

उन्होंने गूगल सहित वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों से भारत में सर्वर, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग इकाइयों और अर्धचालक चिप निर्माण को बढ़ाने का भी आग्रह किया।

-IANS