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पश्चिम एशिया संकट पर सतर्क सरकार, एमएसएमई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए समीक्षा बैठक

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट के भारतीय एमएसएमई क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को बदलती वैश्विक परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी संभावित चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समयबद्ध एवं उपयुक्त रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया।

कच्चे माल और आपूर्ति श्रृंखला पर हुई समीक्षा

बैठक में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में संभावित व्यवधान, निर्यात-आयात गतिविधियों, गैस आपूर्ति से जुड़े मुद्दों, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स तथा कार्यशील पूंजी पर पड़ने वाले प्रभावों की व्यापक समीक्षा की गई। साथ ही कच्चे माल की उपलब्धता और उसकी कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे स्थिति पर लगातार निगरानी रखें और आवश्यकतानुसार त्वरित कदम उठाने के लिए तैयार रहें।

अर्थव्यवस्था की रीढ़ है एमएसएमई क्षेत्र

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ देश के विनिर्माण, उत्पादन और निर्यात में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने एमएसएमई उद्यमियों के हितों की रक्षा करने और इस क्षेत्र के निरंतर विकास एवं मजबूती को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

आत्मनिर्भर भारत की पहलों का उल्लेख

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना (सीजीएसएमएसई), डिजिटल सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन जैसी पहलों के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र की सुदृढ़ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी इस क्षेत्र को हरसंभव सहयोग प्रदान करती रहेगी। (इनपुट: पीआईबी)