केंद्र ने जारी किए कोयला एक्सचेंज नियम-2026, ऊर्जा क्षेत्र में आएगा बड़ा सुधार

केंद्र सरकार ने कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए कोयला एक्सचेंज नियम, 2026 जारी कर दिए हैं। यह कदम विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने और ऊर्जा बाजारों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि नए नियमों से देश में कोयला एक्सचेंजों की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। हाल ही में पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2025 के तहत खनिज एक्सचेंज की अवधारणा को कानूनी मान्यता दी गई थी।

मुख्य प्रावधान

कोयला नियंत्रक संगठन (CCO) को कोयला एक्सचेंजों के पंजीकरण और विनियमन का जिम्मेदार प्राधिकरण बनाया गया है।
– पात्र संस्थाएं CCO से पंजीकरण लेकर कोयला एक्सचेंज स्थापित और संचालित कर सकेंगी।
– पंजीकरण 25 वर्ष की अवधि के लिए वैध होगा।एक्सचेंज बाजार नियम और उपनियम बनाने की भी छूट होगी।

पारंपरिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव

नए कोयला एक्सचेंज के शुरू होने से कोयला व्यापार में “एक से अनेक” मॉडल की जगह “अनेक से अनेक” प्रतिस्पर्धी मंच बनेगा। इससे:

– पारदर्शी और बाजार-आधारित मूल्य निर्धारण संभव होगा
– कोयला उत्पादकों (वाणिज्यिक और कैप्टिव दोनों) को ज्यादा खरीदारों तक पहुंच मिलेगी
– सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियों को भी बेहतर बाजार भागीदारी मिलेगी
– समग्र दक्षता बढ़ेगी और व्यापार करने में आसानी होगी

कोयला मंत्रालय ने कहा कि यह पहल व्यापार सुगमता, पारदर्शिता और आधुनिक ऊर्जा परितंत्र बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अधिक प्रतिस्पर्धी और कुशल कोयला बाजार के जरिए ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और सतत आर्थिक विकास के लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। यह सुधार भारत को आत्मनिर्भर और भविष्य-तैयार ऊर्जा क्षेत्र प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है। (इनपुट-एजेंसी)

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