15वीं फाइनेंस कमीशन के चेयरमैन और अर्थशास्त्री एनके सिंह ने शुक्रवार को कहा कि जीएसटी सुधार से देश के आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। इससे परचेसिंग पावर बढ़ी और साथ ही व्यापार में आसानी को बढ़ावा मिला है। राष्ट्रीय राजधानी में ‘कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2025’ के साइड लाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए एनके सिंह ने कहा, “जीएसटी सुधार का असर दिखने लगा है। इससे परचेजिंग पावर बढ़ी है और आम आदमी को राहत मिली है।”
बिजनेस और निवेश का माहौल सुधरा है और व्यापार में आसानी को बढ़ावा मिला है
उन्होंने आगे कहा, “इससे बिजनेस और निवेश के माहौल में भी जरूरी सुधार हुआ है और व्यापार में आसानी को बढ़ावा मिला है।” सिंह के मुताबिक, देश के पास एक ऐसा बड़ा बाजार है, जो अभी भी अनछुआ है और निजी निवेश और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के लिए बड़ा अवसर पेश करता है।
देश एक ऐसे मोड़ पर है, जहां कई अच्छे चक्र हैं जो हमें आने वाली चुनौतियों का प्रभावी ढंग से निपटने में मदद करेंगे
अर्थशास्त्री ने आगे कहा कि देश एक ऐसे मोड़ पर है, जहां कई अच्छे चक्र हैं जो हमें आने वाली चुनौतियों का प्रभावी ढंग से निपटने में मदद करेंगे। कार्यक्रम में अपने संबोधन में उन्होंने देश की आर्थिक प्रगति के बारे में चर्चा की। सिंह ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। देश का आर्थिक आधार मजबूत बना हुआ है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।
अर्थशास्त्री के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही है
अर्थशास्त्री के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही है। वहीं, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।इस कार्यक्राम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक परिस्थितियां अस्थिर बनी हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार करने के नियमों को फिर से लिखा जा रहा है, लेकिन भारत मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था के चलते तेजी से वृद्धि कर रहा है। साथ ही, इससे देश के पास वैश्विक झटकों से निपटने की मजबूत क्षमता विकसित हो गई है।(इनपुट-आईएएनएस)


