जीएसटी 2.0 ने पश्चिमी एशिया युद्ध की अस्थिरता से निपटने में अर्थव्यवस्था को दी मजबूती: मारुति सुजुकी चेयरमैन

मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने सोमवार को कहा कि जीएसटी 2.0 से ऑटो सेक्टर के साथ अर्थव्यवस्था के कई सेक्टर्स को फायदा हुआ है, जिससे देश को पश्चिमी एशिया युद्ध से आई अस्थिरता का मजबूती से सामना करने में मदद मिली है। कंपनी की वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए भार्गव ने कहा कि भारत की कार इंडस्ट्री का आकार 2031 में 63 लाख यूनिट्स तक पहुंच सकता है और इस दौरान छोटी गाड़ियों का मार्केट बीते पांच वर्षों के मुकाबले तेजी से बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है और पश्चिम एशिया युद्ध के बुरे असर के बावजूद जीएसटी कलेक्शन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। भार्गव ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि अगर जीएसटी में सुधार नहीं किए गए होते, तो हम बीते मुश्किल महीनों में इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सरकार के अन्य सभी सदस्यों को इस “ऐतिहासिक सुधार” के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा, “इस सुधार ने दिखाया है कि इससे अर्थव्यवस्था में कितना बड़ा बदलाव आ सकता है। मैं राज्य सरकारों और केंद्र सरकार से अपील करूंगा कि वे सुधार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ें, कारोबार करना आसान बनाने के प्रयास जारी रखें और ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे भ्रष्टाचार और देरी कम होती है।”

उन्होंने आगे कहा, “जितनी तेजी से संपत्ति बनेगी, उतनी ही तेजी से सरकारी राजस्व भी बढ़ेगा। अगर सरकारी कार्यक्रम इसी तरह चलते रहे, तो देश में विकास ज्यादा समान रूप से होगा।” भार्गव ने बताया कि सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है, जिससे ज्यादा आर्थिक गतिविधियों के कारण रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होते हैं। मारुति सुज़ुकी का अनुमान है कि 2031 तक कार इंडस्ट्री का आकार 61 लाख से 63 लाख यूनिट तक पहुंच जाएगा और कंपनी मांग में होने वाली इस बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए अपनी प्रोडक्शन क्षमता बढ़ा रही है।

उन्होंने बताया कि कंपनी की इंस्टॉल्ड क्षमता 2026-27 के आखिर तक 29 लाख यूनिट और 2030-31 के आखिर तक 36.5 लाख यूनिट तक पहुंच जाएगी। भार्गव ने कहा, “हम यह सारा विस्तार इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था में विकास की बहुत संभावना है।” मारुति सुजुकी ने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 31 तक के अगले पांच सालों के लिए अपना पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 77,500 करोड़ रुपए कर दिया है।(इनपुट-आईएएनएस)

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