Print

नवंबर में जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपए, सालाना आधार पर 0.7% की बढ़त

गुड्स सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) कलेक्शन नवंबर में बढ़कर 1,70,276 करोड़ रुपए रहा है। इसमें सालाना आधार पर 0.7 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। पिछले साल समान अवधि में यह 1,69,016 करोड़ रुपए था। यह जानकारी सरकार की ओर से सोमवार को दी गई।

इससे पहले के महीने अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1,95,936 करोड़ रुपए रहा था।

नवंबर के जीएसटी कलेक्शन में सेंट्रल गुड्स सर्विसेज टैक्स (सीजीएसटी) का हिस्सा 34,843 करोड़ रुपए, स्टेट गुड्स सर्विसेज टैक्स (एसजीएसटी) का हिस्सा 42,522 करोड़ रुपए और इंटीग्रेटेड गुड्स सर्विसेज टैक्स (आईजीएसटी) का हिस्सा 92,910 करोड़ रुपए रहा है।

वहीं, सेस से आय नवंबर में 4,006 करोड़ रुपए रही है। यह पिछले साल समान अवधि में 12,950 करोड़ रुपए थी।

नवंबर में सरकार ने 18,196 करोड़ रुपए का जीएसटी रिफंड जारी किया है। पिछले साल समान अवधि में जारी हुए 18,954 करोड़ रुपए के रिफंड के मुकाबले इसमें 4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

रिफंड के बाद नवंबर में नेट जीएसटी कलेक्शन 1,52,079 करोड़ रुपए रहा है, जबकि पिछले साल नवंबर में यह 1,50,062 करोड़ रुपए था।

मासिक आधार पर जीएसटी कलेक्शन में गिरावट की वजह सरकार की ओर से 22 सितंबर से जीएसटी सुधारों को लागू करना और त्योहारी सीजन निकलने को माना जा रहा है। आमतौर पर दीपावली के बाद के महीने का जीएसटी कलेक्शन त्योहरी बिक्री न होने के कारण कम हो जाता है।

सितंबर में लागू हुए जीएसटी सुधारों के तहत सरकार ने स्लैब की संख्या को चार -5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत से घटाकर दो – 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत कर दिया था। साथ ही लग्जरी गुड्स पर 40 प्रतिशत का टैक्स लगाया गया है।

वहीं, ज्यादातर वस्तुओं पर सरकार ने सेस समाप्त कर दिया है, जिसके कारण नवंबर में सेस आय में पिछले साल के मुकाबले बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

(इनपुट-आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

43 mins ago | Artisan Livelihood

भारत ट्यूलिप से पारंपरिक कारीगरों के उत्पादों को मिला डिजिटल बाजार

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीस...

1 hour ago

33,660 करोड़ रुपए की भव्य योजना से बदलेगा भारत का विनिर्माण इकोसिस्टम

भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) 33,660 करोड़ रुपए की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में 100 प्लग-एंड-प...