गुजरात सरकार ने सरकारी जमीन के आवंटन की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने के लिए जिला कलेक्टरों और जिला विकास अधिकारियों (DDO) की वित्तीय शक्तियों में बड़ा इजाफा किया है। इस फैसले का उद्देश्य बुनियादी ढांचा, औद्योगिक विकास, ग्रामीण विकास और जनकल्याण से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देना है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह फैसला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे कई मामलों में मंजूरी के लिए फाइलों को गांधीनगर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नई व्यवस्था के तहत जिला कलेक्टर अब राज्य सरकार के बोर्ड और निगमों, केंद्र सरकार के विभागों, आवासीय योजनाओं, सहकारी आवास समितियों, नीलामी के जरिए व्यावसायिक उपयोग और सहकारी गोदामों सहित विभिन्न श्रेणियों में अधिक मूल्य की सरकारी जमीन आवंटित कर सकेंगे।
प्रमुख बदलाव
- राज्य सरकार के बोर्ड और निगमों को 2 हेक्टेयर तक जमीन आवंटन की वित्तीय सीमा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई।
- केंद्र सरकार के विभागों को 1 हेक्टेयर तक जमीन आवंटन की सीमा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई।
- सरकारी कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों के लिए आवासीय भूखंड आवंटन की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई।
- सहकारी आवास समितियों के लिए यह सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई।
- नीलामी के माध्यम से व्यावसायिक जमीन आवंटन की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये और सहकारी गोदामों व अन्य संस्थाओं के लिए 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई।
सरकार ने जिला विकास अधिकारियों (DDO) की वित्तीय शक्तियां भी बढ़ाई हैं। अब व्यक्तिगत आवासीय गामतल भूखंडों के आवंटन की सीमा 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं सहकारी आवास समितियों के लिए यह सीमा 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये कर दी गई है।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों से अधिकतर मामलों का निपटारा जिलास्तर पर ही हो सकेगा। इससे प्रशासनिक देरी कम होगी, सरकारी परियोजनाओं को गति मिलेगी और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, जिला कलेक्टरों को यह अधिकार भी दिया गया है कि यदि राज्य सरकार के बोर्ड, निगम या केंद्र सरकार के विभाग 90 दिनों के भीतर जमीन का प्रीमियम या कब्जा शुल्क जमा नहीं कर पाते, तो वे भुगतान के लिए अतिरिक्त समय दे सकेंगे।
-(इनपुटःएजेंसी)


