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टीबी नियंत्रण में गुजरात का शानदार प्रदर्शन, ‘मोस्ट इम्प्रूवमेंट’ श्रेणी में देश में अव्वल

केंद्र सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत वर्ष 2025 में ‘स्टेट्स विद मोस्ट इम्प्रूवमेंट’ श्रेणी में गुजरात ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान टीबी के नए मामलों और मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज होने के बाद यह उपलब्धि मिली है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघाणी ने बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गुजरात के प्रदर्शन की समीक्षा की गई।

केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2015 की तुलना में वर्ष 2023 तक गुजरात में टीबी के नए मामलों की दर में 34 प्रतिशत और टीबी से होने वाली मौतों की दर में 37 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर गुजरात को वर्ष 2025 में ‘स्टेट्स विद मोस्ट इम्प्रूवमेंट’ श्रेणी में देश का पहला स्थान मिला।

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में गुजरात में प्रति एक लाख आबादी पर टीबी के अनुमानित 186 नए मामले दर्ज किए गए। इस आधार पर राज्य देश में टीबी का सबसे कम बोझ वाले राज्यों में छठे स्थान पर रहा, जबकि बड़े राज्यों में चौथा स्थान हासिल किया।

मंत्री ने बताया कि जनवरी से मई 2026 के दौरान राज्य ने केंद्र सरकार के 58,333 मरीजों के लक्ष्य के मुकाबले 57,334 टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा, जो निर्धारित लक्ष्य का 98.3 प्रतिशत है। इनमें से 50,928 मरीज (करीब 91 प्रतिशत) इलाज के बाद टीबी मुक्त हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि 24 मार्च से शुरू हुए ‘टीबी मुक्त भारत अभियान-100 दिवसीय अभियान’ के तहत राज्य के 5,012 उच्च जोखिम वाले गांवों में घर-घर जाकर टीबी की जांच की गई।

इस अभियान के दौरान:

23.38 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई।
15.04 लाख लोगों का चेस्ट एक्स-रे किया गया।
5.05 लाख लोगों की NAAT जांच हुई।
32,377 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका इलाज शुरू किया गया।

जीतू वाघाणी ने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत वर्ष 2025 में 1,05,238 टीबी मरीजों को 57.60 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, पंचायत राज संस्थाओं, कॉरपोरेट संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने निक्षय मित्र बनकर अभियान में सक्रिय भागीदारी की है। अब तक गुजरात में 30,992 निक्षय मित्र पंजीकृत हो चुके हैं, जिन्होंने 5,50,184 पोषण किट टीबी मरीजों को वितरित किए हैं।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य की 3,971 ग्राम पंचायतों को ‘टीबी मुक्त पंचायत’ का दर्जा दिया गया, जो गुजरात की कुल ग्राम पंचायतों का 27 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और भविष्य में इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

-(इनपुटःएजेंसी)