पंजाब के जालंधर से निकले युवा धावक गुरिंदर वीर सिंह ने भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया है। रांची में आयोजित 29वें नेशनल सीनियर फेडरेशन कप में गुरिंदर वीर ने 100 मीटर दौड़ महज 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ उन्होंने न केवल देशभर में पंजाब का नाम रोशन किया, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
गुरिंदर वीर की इस उपलब्धि के बाद पूरे पंजाब, खासकर जालंधर में जश्न का माहौल है। रेस खत्म होते ही गुरिंदर ने सबसे पहला फोन अपनी मां गुरविंदर कौर को किया। उन्होंने भावुक होकर अपनी मां से पूछा—”देखी मेरी रेस?” मां ने खुशी से जवाब दिया—”हां बेटा, तूने कमाल कर दिया।” वहीं जब पिता कमलजीत सिंह से बात हुई तो गुरिंदर मुस्कुराते हुए बोले—”डेडी दस्स फेर किदां?” बेटे की यह बात सुनकर परिवार भावुक हो गया।
करीब 90 वर्षीय दादी चरण कौर ने लड्डू खिलाकर पोते को आशीर्वाद दिया। घर के बाहर बधाई देने वालों की भीड़ लग गई। गुरिंदर के दादा तरसेम सिंह कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं, जबकि पिता कमलजीत सिंह पंजाब पुलिस से एएसआई रिटायर होने के साथ-साथ वॉलीबॉल खिलाड़ी भी रहे हैं। परिवार की खेल पृष्ठभूमि ने ही गुरिंदर को बचपन से प्रेरणा दी।
गुरिंदर के पिता ने बताया कि बचपन से ही बेटे को दौड़ने का बेहद शौक था। गांव की पगडंडियों, खेतों और गलियों में वह तेज रफ्तार से भागता था। कई बार छोटे-छोटे कुत्ते उसके पीछे भागते तो वह और तेज दौड़ता। तभी परिवार को एहसास हो गया था कि बेटा बड़ा एथलीट बन सकता है। 12 साल की उम्र में गुरिंदर ने गंभीरता से ट्रेनिंग शुरू की। पिता उसे अपने साथ दौड़ लगाने ले जाते थे, लेकिन कुछ ही समय में बेटा उन्हें भी पीछे छोड़ने लगा। गुरिंदर रोज करीब 8 घंटे अभ्यास करता था और अपनी फिटनेस को लेकर बेहद अनुशासित था।
गुरिंदर वीर का आत्मविश्वास इस बात से समझा जा सकता है कि फाइनल रेस से पहले ही उसने अपने चेस्ट नंबर के पीछे 10.10 सेकंड का लक्ष्य लिख दिया था। फाइनल में उसने उससे भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 10.09 सेकंड का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। रेस खत्म होने के बाद उसने अपनी छाती पर लगे नंबर की ओर इशारा कर जश्न मनाया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर गुरिंदर वीर को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब के इस गबरू ने दो दिनों के भीतर दूसरा नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर देश और दुनिया में पंजाब का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे पंजाब को गुरिंदर की इस उपलब्धि पर गर्व है।
अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच सरबजीत सिंह ने कहा कि गुरिंदर वीर का 10.09 सेकंड का समय भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफिकेशन समय 10.16 सेकंड था, जिसे गुरिंदर ने आसानी से पार कर लिया और अब वह एशिया के शीर्ष धावकों में शामिल हो गया है।
कोच ने कहा कि भारत में 100 मीटर दौड़ में अब तक ज्यादा सफलता नहीं मिली थी, लेकिन गुरिंदर वीर का रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि अभी यह सिर्फ शुरुआत है, असली लक्ष्य ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में मेडल जीतना है।
गुरिंदर वीर महान धावक मिल्खा सिंह और उसैन बोल्ट को अपना आदर्श मानते हैं और इन्हीं दोनों की तरह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर करिश्माई और ऐतिहासिक प्रदर्शन करना चाहते हैं।
(इनपुट-आईएएनएस)


