हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के राज्य आपात संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार पिछले 24 घंटों में 338 सड़कें, 132 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (डीटीआर) और 141 जलापूर्ति योजनाएं ठप हो गई हैं।
आज शुक्रवार की सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक एनएच-305 कई स्थानों- बालीचौकी, गजाधार पर बंद है, जबकि वैकल्पिक रास्ते भी बाधित हो गए हैं। वहीं मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 165 सड़कें बंद हैं, इसके बाद कुल्लू (123) और कांगड़ा (21) का स्थान है।
बिजली आपूर्ति के मामले में कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 77 डीटीआर ठप हो गए हैं, जबकि मंडी में 54 जल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। कांगड़ा में आठ जल योजनाएं ठप हैं और धर्मशाला, नूरपुर और देहरा उपमंडलों में बिजली बहाली का काम जारी है। राहत और बहाली के लिए सड़क साफ करने वाली टीमें, बिजली बोर्ड और जल शक्ति विभाग के कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं।
इस मानसून सीजन में राज्य में अब तक कई जनहानि, सैकड़ो मकानों को नुकसान और फसलों, बागवानी और सार्वजनिक ढांचे को भारी क्षति हुई है। एसडीएमए के अनुसार अब तक का कुल वित्तीय नुकसान 2,28,226.86 लाख रुपये से अधिक आंका गया है। प्रशासन का कहना है कि राहत और बहाली का काम जारी है, लेकिन लगातार बारिश और नए भूस्खलन की आशंका से काम में दिक्कतें आ रही हैं।-(ANI)


