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गर्भावस्था में हाई BP बन सकता है आंखों की गंभीर समस्याओं की वजह

प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर (BP) केवल मां की सामान्य सेहत ही नहीं, बल्कि आंखों की रोशनी पर भी असर डाल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक उच्च रक्तचाप रहने से आंखों की रेटिना में बदलाव होने लगते हैं, जिससे देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

डॉ. सोनल गुप्ता, रेटिना विशेषज्ञ एवं कैटरैक्ट सर्जन के अनुसार, लंबे समय तक BP बढ़ा रहने से शरीर और रेटिना की रक्त वाहिकाओं में बदलाव होने लगते हैं। नसों के संकरे होने से रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और रेटिना तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पाता। इससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिनमें रेटिनल वेन ऑक्लूजन, आंखों के अंदर रक्तस्राव और दृष्टि प्रभावित होना शामिल है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि कई मामलों में आंख के देखने वाले हिस्से यानी मैक्यूला में सूजन भी आ सकती है, जिसे मैक्यूलर एडिमा कहा जाता है। इसके अलावा ऑप्टिक नर्व में सूजन, रक्त आपूर्ति प्रभावित होना और आंखों के अंदर ब्लीडिंग जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं। लंबे समय तक रेटिना में तरल पदार्थ जमा रहने पर रेटिना पर असर पड़ सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादातर मामलों में प्रेग्नेंसी समाप्त होने के बाद ये बदलाव काफी हद तक ठीक हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से चिकित्सकीय सलाह लेना और समय-समय पर आंखों की जांच करवाना महत्वपूर्ण माना जाता है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि धुंधला दिखाई देना, रोशनी की चमक महसूस होना या काले धब्बे दिखाई देने जैसी समस्या महसूस हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से आंखों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।