असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक यात्रा को लेकर कहा कि “पीएम की ये यात्रा असम के लिए मील का पत्थर है। मोदी जी ने असम को आत्मनिर्भर भारत की मज़बूत आधारशिला बना दिया है।” प्रधानमंत्री ने रविवार को राज्य को कुल 18,530 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का तोहफ़ा दिया, जिनमें उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र की कई ऐतिहासिक घोषणाएं शामिल हैं।
सबसे अहम रहा गोलाघाट ज़िले में दुनिया का पहला बांस आधारित 2जी बायो-एथनॉल प्लांट, जो 5,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। यह संयंत्र किसानों से सीधे बांस खरीदेगा और हर साल 25 मेगावॉट ग्रीन एनर्जी पैदा करेगा। सरमा ने इसे “किसानों और पर्यावरण दोनों के लिए डबल लाभ” बताया।
इसी के साथ पीएम मोदी ने 7,230 करोड़ रुपये की लागत से पॉलीप्रोपाइलीन (PP) प्लांट की आधारशिला रखी। यह यूनिट ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बेहद अहम साबित होगी। इसके शुरू होने पर भारत की आयात निर्भरता 20% तक घटेगी, लगभग 700 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत होगी और करीब 75,000 युवाओं को रोज़गार मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही दर्रांग मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज, गुवाहाटी रिंग रोड प्रोजेक्ट और नरेन्गी–कुरुवा ब्रिज का उद्घाटन भी किया।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि “मोदी जी के नेतृत्व में असम स्वास्थ्य, शिक्षा, कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास में ऐतिहासिक छलांग लगा रहा है। आज असम देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन चुका है।”
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिये असम की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश कर रहे हैं और यह राष्ट्रीय सुरक्षा का सबसे बड़ा खतरा है।” इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने “डेमोग्राफी मिशन” की घोषणा की।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी इसी महीने 22 सितंबर को त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर भी जा सकते हैं। वहां भी वे करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिससे पूरे उत्तर-पूर्व में विकास की नई लहर दौड़ेगी।
-(लेखिका आशिका सिंह का पत्रकारिता जगत में 18 वर्षों का अनुभव है, वर्तमान में वे प्रसार भारती न्यूज सर्विस के साथ जुड़ी हैं)


