प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन की कार्यशैली हमेशा “लटकाना, अटकाना और भटकाना” वाली रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस केवल “जीप और खच्चर मॉडल” को ही समझती है।
नर्मदा परियोजना का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर निशाना
पीएम मोदी ने कहा, “मैं एक बात बताना चाहता हूं। जब मेरा जन्म भी नहीं हुआ था, तब सरदार वल्लभभाई पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बनाने की कल्पना की थी। विषय तय हो गया था, लेकिन सरदार साहब नहीं रहे। पंडित नेहरू ने इसका शिलान्यास किया, और जब मैं प्रधानमंत्री बना, तब इसका उद्घाटन किया। यही कांग्रेस का हाल है।”
900 करोड़ की योजना को 90 हजार करोड़ तक पहुंचाया
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में जो योजना 900 करोड़ रुपए में पूरी होनी थी, उसे 90 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया गया। उन्होंने कहा कि कई जिलों को पिछड़ा मानकर छोड़ दिया गया, जहां करोड़ों लोगों की मूलभूत जरूरतों को भी नकार दिया गया।
पिछड़े जिलों को सजा की पोस्टिंग बना दिया गया था
पीएम मोदी ने कहा कि पहले हालात ऐसे थे कि पिछड़े जिलों को सजा की पोस्टिंग माना जाता था। ऐसे जिलों में अधिकारियों को जानबूझकर भेजा जाता था, जिससे वहां की स्थिति और खराब होती चली गई।
युवा अधिकारियों की नियुक्ति से बदली तस्वीर
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस सोच को बदला। पिछड़े जिलों में युवा और होनहार अधिकारियों को नियुक्त किया गया और उन्हें तीन साल का पूरा समय दिया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर का उदाहरण देते हुए कहा कि आज बस्तर पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है और विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है।
नर्मदा बांध के लिए मुख्यमंत्री रहते अनशन का जिक्र
पीएम मोदी ने बताया कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब नर्मदा सरदार सरोवर बांध के लिए उन्हें तीन दिन तक अनशन करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद को दांव पर लगाया, तब जाकर केंद्र सरकार से इस परियोजना को मंजूरी मिली।
रेल परियोजनाओं में भी कांग्रेस की देरी का आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कई परियोजनाएं सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए घोषित की गईं और कभी पूरी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए ट्रेन की घोषणा संसद में हुई थी, लेकिन उनके कार्यकाल तक आते-आते उसका डिजाइन तक तैयार नहीं हुआ था।
30 साल बाद पूरी हुई जम्मू-कश्मीर रेलवे लाइन
पीएम मोदी ने जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लाइन का जिक्र करते हुए कहा कि यह परियोजना करीब 30 वर्षों तक लटकी रही। उन्होंने कहा कि इतने समय में दो पीढ़ियां आगे बढ़ जाती हैं, लेकिन उनकी सरकार ने इसे पूरा कर दिखाया।
बोगीबील ब्रिज और नॉर्थ ईस्ट का विकास
प्रधानमंत्री ने असम के बोगीबील ब्रिज का भी उदाहरण दिया और कहा कि वर्षों तक लटके इस प्रोजेक्ट को उनकी सरकार ने ‘प्रगति’ के जरिए पूरा किया। यह ब्रिज असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क माध्यम है।
टीएमसी और अवैध घुसपैठ पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में निर्ममता के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, लेकिन वहां के नेता उपदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के समृद्ध देश भी अवैध नागरिकों को बाहर निकाल रहे हैं, लेकिन यहां घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर दबाव डाला जा रहा है। (इनपुट: आईएएनएस)


