केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की नियमित निगरानी गतिविधि के तहत जुलाई 2025 में खराब गुणवत्ता वाली (Not of Standard Quality-NSQ) और नकली (Spurious) दवाओं की सूची जारी की गई है।
केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने इस दौरान 46 दवाओं के नमूनों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जबकि राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 97 दवा नमूनों को मानक के अनुरूप न पाकर NSQ घोषित किया। इस प्रकार कुल 143 दवा नमूने जुलाई माह में असफल पाए गए।
दवाओं को NSQ तब घोषित किया जाता है, जब वे किसी न किसी निर्धारित गुणवत्ता पैरामीटर पर खरी नहीं उतरतीं। यह असफलता केवल संबंधित बैच तक सीमित होती है और इसका असर बाजार में उपलब्ध अन्य बैचों पर नहीं होता।
इसके अलावा, जुलाई 2025 में बिहार से सात दवा नमूने और सीडीएससीओ नॉर्थ जोन, गाज़ियाबाद से एक दवा नमूना नकली (स्प्यूरियस) पाया गया। जांच में सामने आया कि ये दवाएं अनधिकृत निर्माताओं द्वारा किसी अन्य कंपनी के ब्रांड नाम का दुरुपयोग कर तैयार की गई थीं।
वहीं, इस मामले की जांच जारी है और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीडीएससीओ और राज्य औषधि नियंत्रकों के सहयोग से यह कार्रवाई नियमित रूप से की जाती है, ताकि घटिया और नकली दवाओं की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाया जा सके और मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


