पीएम मोदी ने 54वीं प्रगति बैठक में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16,000 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में प्रगति की 54वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने रेलवे, पीएम एकता मॉल और बल्क ड्रग पार्क से जुड़ी 16,000 करोड़ रुपए से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित की जा रही हैं। प्रगति केंद्र और राज्य सरकारों को एक मंच पर लाकर परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली अड़चनों को दूर करने और काम को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद करती है।

परियोजनाओं की समयसीमा और समन्वय पर जोर

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और लंबित मुद्दों के समयबद्ध समाधान पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों से परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं को मिशन मोड में दूर करने का निर्देश दिया।

पर्यटन और स्थानीय कारोबार से जोड़े जाएं पीएम एकता मॉल

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पीएम एकता मॉल स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के साथ कारीगरों की आजीविका मजबूत करने और उनके कारोबार के विस्तार में मददगार होने चाहिए। उन्होंने एकता मॉल को पर्यटन और स्थानीय कारोबार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मांग बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्य सचिवों को एकता मॉल की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और इनके समय पर पूरा होने को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जरूरी दवाओं के कच्चे माल का घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर

पीएम नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क की समीक्षा के दौरान एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (API) और जरूरी दवाओं से जुड़े इनपुट के घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे देश में जरूरी दवा सामग्री के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।

मुख्य सचिव हर महीने करें कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

प्रधानमंत्री ने मुख्य सचिवों से जिला मजिस्ट्रेटों के साथ हर महीने कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे क्रियान्वयन में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा सकेगा और पात्र लाभार्थियों तक समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि शासन का ध्यान केवल खर्च की राशि पर नहीं, बल्कि उसके परिणामों पर होना चाहिए। सार्वजनिक धन का उपयोग लोगों के जीवन में ठोस और प्रत्यक्ष सुधार के रूप में दिखाई देना चाहिए।

आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में समन्वित प्रयासों पर जोर

प्रधानमंत्री ने आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए विकास को गति देने में योजनाओं के समन्वय, नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही की भूमिका रेखांकित की। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था को मजबूत करने और कल्याणकारी योजनाओं की बेहतर डिलीवरी के लगातार प्रयासों से करीब 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है।

प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास में तेजी लाने का निर्देश

प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की समीक्षा करते हुए देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और यात्रा को सुगम बनाने के साथ मल्टीमॉडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने स्टेशनों को मेट्रो और अन्य परिवहन नेटवर्क से निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया, ताकि यात्रियों को परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच आसानी से आवाजाही की सुविधा मिल सके।

परियोजनाओं के समय पर पूरा होने के लिए जवाबदेही तय करने पर जोर

प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को परियोजनाओं में आने वाली अड़चनों का समयबद्ध समाधान करने, केंद्र-राज्य और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा वरिष्ठ स्तर पर लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने हर स्तर पर अधिक जिम्मेदारी और सक्रिय कार्य संस्कृति विकसित करने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रियान्वयन से जुड़ी संभावित चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाकर समय पर निर्णय लेने और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की जानी चाहिए। (इनपुट: पीआईबी)