अल नीनो के जोखिम के बावजूद जुलाई में वर्षा वृद्धि खेती की ग्रोथ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर: रिपोर्ट

ICICI बैंक की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई महीने में मॉनसून की बारिश में सुधार से खेती की वृद्धि और ग्रामीण आय को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, हालांकि अल नीनो की मजबूत होती स्थिति मॉनसून के लिए जोखिम बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 जुलाई तक देश में कुल बारिश लंबे समय के औसत (LPA) से 16% कम रही, लेकिन पिछले सप्ताह हुई सामान्य से अधिक बारिश ने कमी को कुछ हद तक कम किया है।

अल नीनो और IOD का प्रभाव

ICICI बैंक ने चेतावनी दी कि अल नीनो 3.4 इंडेक्स बढ़कर 1.94 हो गया है, जो 2015 के स्तर के काफी करीब है। इससे मॉनसून पर और अधिक जोखिम बना हुआ है। हालांकि, इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) इंडेक्स 0.44 पर सकारात्मक हो गया है, जो अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक कम कर सकता है।

क्षेत्रीय बारिश का हाल

– पूर्वी भारत: LPA से 30% कम
– दक्षिण भारत: LPA से 29% कम
– उत्तर-पश्चिम भारत: LPA से 10% कम
– मध्य भारत: LPA से मात्र 4% कम (सामान्य के करीब)

36 मौसम संबंधी उप-क्षेत्रों में से 20 में कम बारिश, 13 में सामान्य और 3 में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।

खरीफ बुआई और जलाशय स्थिति

मॉनसून के देर से आने और असमान बारिश के कारण खरीफ बुआई पिछले साल से कम है, हालांकि दालों, तिलहन और कपास में तेजी देखी गई है। 23 जुलाई 2026 तक 150 प्रमुख जलाशयों में पानी का कुल स्टोरेज 70 BCM है, जो कुल क्षमता का सिर्फ 38% है। हालांकि, पिछले सप्ताह की तुलना में जलाशयों में सुधार हुआ है, जो सामान्य से कम बारिश की स्थिति में कुछ राहत दे सकता है। ICICI बैंक का अनुमान है कि हाल के हफ्तों में पानी के भंडार में सुधार और पश्चिमी, मध्य तथा उत्तरी क्षेत्रों में बेहतर उपलब्धता आने वाले दिनों में खरीफ बुआई को बढ़ावा दे सकती है। कुल मिलाकर, रिपोर्ट जुलाई में बारिश बढ़ने को खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मान रही है, लेकिन अल नीनो की वजह से आगे के महीनों में सतर्क रहने की जरूरत है। (इनपुट-एजेंसी)