भारत ने अफ़ग़ानिस्तान को पिछले चार वर्षों के दौरान 327 टन दवाइयां और टीके उपलब्ध कराए हैं।
मानवीय आवश्यकताओं के लिए अपने निरंतर समर्थन की प्रतिबद्धता दोहराई
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और अफ़ग़ानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री मौलवी नूर जलाल जलाली के बीच हुई एक अहम बैठक में भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र और मानवीय आवश्यकताओं के लिए अपने निरंतर समर्थन की प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जारी सहयोग की व्यापक समीक्षा
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में जारी सहयोग की व्यापक समीक्षा की और स्वास्थ्य अवसंरचना, आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति तथा क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। जे.पी. नड्डा ने कहा कि भारत की अफ़ग़ानिस्तान नीति उसकी दीर्घकालिक और जन-केंद्रित सोच से प्रेरित रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव इस बात पर जोर दिया है कि अफ़ग़ानिस्तान के साथ भारत की सहभागिता का केंद्र बिंदु जनकल्याण, क्षमता निर्माण और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच होना चाहिए।
भारत की सहायता मानवीय मूल्यों तथा दोनों देशों की जनता के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों से प्रेरित
नड्डा ने स्पष्ट किया कि अफ़ग़ानिस्तान को दी जा रही भारत की सहायता मानवीय मूल्यों तथा दोनों देशों की जनता के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि भारत ने अफ़ग़ानिस्तान में स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति दी है और उनका सफलतापूर्वक क्रियान्वयन भी किया है। इनमें पक्तिया, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में पांच मातृत्व एवं स्वास्थ्य क्लीनिकों का निर्माण, काबुल में 30-बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना, तथा काबुल में ऑन्कोलॉजी सेंटर, ट्रॉमा सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर और थैलेसीमिया सेंटर जैसी प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण और उन्नयन शामिल है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से जुड़े नए प्रस्तावों पर भी सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।
कैंसर की दवाइयां और एक सीटी स्कैन मशीन भेजने की तैयारी पूरी
बैठक में यह जानकारी भी साझा की गई कि पिछले चार वर्षों में भारत ने अफ़ग़ानिस्तान को 327 टन दवाइयां और टीके उपलब्ध कराए हैं। नड्डा ने बताया कि अफ़ग़ान सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुरोध पर कैंसर की दवाइयां और एक सीटी स्कैन मशीन भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है, जिन्हें इस माह के अंत तक अफ़ग़ानिस्तान भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही रेडियोथेरेपी मशीन और अतिरिक्त चिकित्सा आपूर्ति से संबंधित प्रस्तावों पर भी प्रक्रिया जारी है।
अफ़ग़ान डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने के लिए वरिष्ठ भारतीय डॉक्टरों की एक टीम भेजने की योजना पर काम
क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी। भारत, अफ़ग़ानिस्तान में चिकित्सा शिविर आयोजित करने और अफ़ग़ान डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने के लिए वरिष्ठ भारतीय डॉक्टरों की एक टीम भेजने की योजना पर काम कर रहा है। जून 2025 में काबुल में आयोजित जयपुर फुट कैंप की सफलता का विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जहां 75 दिव्यांग लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए थे। आने वाले वर्ष में ऐसे और शिविर आयोजित करने की योजना है।
आपातकालीन और गंभीर बीमारियों से पीड़ित अफ़ग़ान नागरिकों को भारत में निःशुल्क इलाज
भारत ने आपातकालीन और गंभीर बीमारियों से पीड़ित अफ़ग़ान नागरिकों को भारत में निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराने और मेडिकल वीज़ा प्रक्रिया को सरल बनाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। अप्रैल 2025 में नए अफ़ग़ान वीज़ा मॉड्यूल की शुरुआत के बाद, पिछले चार महीनों में 500 से अधिक वीज़ा जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 200 से अधिक मेडिकल वीज़ा शामिल हैं।
दोनों पक्षों ने अब तक के सहयोग पर संतोष व्यक्त किया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अफ़ग़ानिस्तान के लिए भारत की व्यापक मानवीय सहायता का भी उल्लेख किया, जिसमें खाद्यान्न, दवाइयां, टीके, आपातकालीन राहत सामग्री की आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी में चलाए जा रहे पुनर्वास कार्यक्रम शामिल हैं। बैठक के समापन पर दोनों पक्षों ने अब तक के सहयोग पर संतोष व्यक्त किया और अफ़ग़ान जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में मिलकर काम करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।


