भारत और डोमिनिकन गणराज्य ने JETCO की स्थापना के लिए प्रोटोकॉल पर किए हस्ताक्षर, जल्द ही आयोजित होगी पहली बैठक

भारत ने डोमिनिकन गणराज्य के साथ व्यापार और वाणिज्य के लिए संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (JETCO) की स्थापना के लिए प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता मौजूदा आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों को सुदृढ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उल्लेखनीय है कि भारत-डोमिनिकन गणराज्य जेटको की पहली बैठक जल्द ही आयोजित की जाएगी।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि भारत और डोमिनिकन गणराज्य के बीच संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (जेटको) की स्थापना के लिए प्रोटोकॉल पर सैंटो डोमिंगो में डोमिनिकन गणराज्य के विदेश मंत्रालय (एमआईआरईएक्‍स) में मंगलवार (12 मार्च) को हस्ताक्षर किए गए। इस प्रोटोकॉल पर डोमिनिकन गणराज्य के विदेश मंत्री रॉबर्टो अल्वारेज़ और वाणिज्य विभाग की ओर से डोमिनिकन गणराज्य में भारत के राजदूत रामू अब्बागानी ने हस्ताक्षर किए।

बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने इस साल 24 जनवरी को जेटको की स्थापना के लिए इस कथित प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। भारत और डोमिनिकन गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध मैत्रीपूर्ण रहे हैं तथा ये संबंध सभी क्षेत्रों में लगातार गहरे होते जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 25 वर्षों में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता मौजूदा आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों को सुदृढ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

ज्ञात हो कि इस प्रोटोकॉल में तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण के माध्यम से व्यापार, सेवाओं, औद्योगिक प्रौद्योगिकियों और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत और विकसित करने की परिकल्पना की गई है। यह दोनों देशों के बीच ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए एक मंच उपलब्‍ध कराएगा और व्यापार तथा उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। भारत डोमिनिकन गणराज्य से मुख्य रूप से सोना आयात करता है और उसे फार्मास्यूटिकल्स, समुद्री उत्पाद, मोटर वाहन, दुपहिया और तिपहिया वाहनों का निर्यात करता है।

मंत्रालय ने बताया कि भारत-डोमिनिकन गणराज्य जेटको की पहली बैठक जल्द ही आयोजित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि JETCO की स्थापना से भारत और डोमिनिकन गणराज्य के बीच आर्थिक संबंध मजबूत में मजबूती आएगी। इसके अलावा यह चर्चा, सूचना, ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करेगा, जिससे व्यापार एवं उद्योग की जुड़ी गतिविधियां सुविधाजनक हो सकेंगी। यह प्रोटोकॉल वृहद लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियाई बाजारों के लिए एक प्रभावी प्रवेश द्वार बन सकता है।

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