प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ माले स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में व्यापक वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-मालदीव संबंधों के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत और मालदीव ने कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। पीएम मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू की उपस्थिति में शुक्रवार को मालदीव की राजधानी माले में भारत और मालदीव के बीच समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान हुआ।
विदेश मंत्रालय ने द्विपक्षीय चर्चा के बाद एक्स पर पोस्ट किया, “उन्होंने विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, डिजिटल अर्थव्यवस्था, जलीय कृषि, जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, प्रगति और समृद्धि बढ़ाने के लिए घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया।”
इस दौरान, दोनों नेताओं ने 2024 में अपनाए गए ‘व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी’ के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का भी जायजा लिया।
यह प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव की तीसरी यात्रा है। इससे पहले उन्होंने 2018 और 2019 में हिंद महासागर द्वीपसमूह का दौरा किया था और नवंबर 2023 में शुरू होने वाले मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपतित्व काल के दौरान मालदीव में किसी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार के प्रमुख की यह पहली यात्रा है।
दोनों देशों ने बाद में घोषणा की कि वे भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विचारार्थ विषयों पर सहमत हो गए हैं तथा मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्रों सहित कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
दोनों देशों ने मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये की ऋण सहायता (Line of Credit) प्रदान करने के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित एलओसी पर मालदीव के वार्षिक ऋण पुनर्भुगतान दायित्वों को कम करने के लिए एक संशोधनात्मक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और मालदीव मौसम विज्ञान सेवा (एमएमएस), पर्यटन और पर्यावरण मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए।
दोनों देशों ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय तथा मालदीव के गृह सुरक्षा और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच डिजिटल परिवर्तन के लिए जनसंख्या स्तर पर कार्यान्वित सफल डिजिटल समाधानों को साझा करने के क्षेत्र में सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।
इसके अतिरिक्त, दोनों देशों ने मालदीव द्वारा भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) को मान्यता देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान, मालदीव में यूपीआई पर भारत की एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट लिमिटेड (एनआईपीएल) और मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (एमएमए) के बीच नेटवर्क-टू-नेटवर्क समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी का माले के रिपब्लिक स्क्वायर पर औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मालदीव की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान उन्होंने अपने आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत की। इस अवसर पर मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू भी उपस्थित थे। बच्चों ने कार्यक्रम स्थल पर पीएम मोदी के स्वागत में नृत्य प्रस्तुत किया और औपचारिक स्वागत के बाद दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई।
वहीं, आज एक विशेष सम्मान के रूप में, राष्ट्रपति मुइज्जू ने यूनाइटेड किंगडम से माले हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का स्वागत किया। मालदीव के विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और गृह सुरक्षा मंत्री भी प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुइज्जू द्वारा हवाई अड्डे पर आकर उनका स्वागत करने के भाव से वह “बहुत प्रभावित” हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए शुक्रवार सुबह मालदीव पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा कि मालदीव पहुंच गया हूं । राष्ट्रपति के हवाई अड्डे पर आकर मेरा स्वागत करने के भाव से मैं बहुत प्रभावित हूं। मुझे विश्वास है कि भारत-मालदीव मैत्री आने वाले समय में प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगी।
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को देश के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। यह मालदीव की उनकी तीसरी यात्रा है और मुइज्जू के पदभार ग्रहण करने के बाद किसी भी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार के प्रमुख की पहली यात्रा है।(इनपुट-एजेंसी)


