भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) और कोरिया तटरक्षक बल (केसीजी) के बीच 14वीं उच्चस्तरीय बैठक 14 अक्टूबर 2026 को दक्षिण कोरिया के इंचियोन में आयोजित हुई। बैठक में द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को विस्तार देने और दोनों देशों की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के बीच रणनीतिक समन्वय मजबूत करने पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियान, प्रदूषण नियंत्रण और परिचालन सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
समुद्री सहयोग के रोडमैप पर चर्चा
बैठक के दौरान दोनों देशों के तटरक्षक बलों ने मौजूदा परिचालन ढांचे की समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक रोडमैप पर विचार-विमर्श किया। समुद्री खोज एवं बचाव (एम-एसएआर), समुद्री प्रदूषण से निपटने (एमपीआर), समुद्री कानून प्रवर्तन (एमएलई), क्षमता निर्माण और परिचालन समन्वय जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त प्रशिक्षण पर जोर
भारतीय और कोरियाई तटरक्षक बलों ने मौजूदा समझौता ज्ञापन (एमओयू) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यासों, द्विपक्षीय जहाज दौरों और वास्तविक समय में सूचनाएं साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने पर सहमति जताई। इन प्रयासों का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने में दोनों देशों की परिचालन क्षमता और आपसी तालमेल को बेहतर बनाना है।
सुरक्षित समुद्री वातावरण बनाने पर सहमति
14वीं उच्चस्तरीय बैठक में दोनों तटरक्षक बलों ने क्षेत्र में सुरक्षित और संरक्षित समुद्री वातावरण सुनिश्चित करने के लिए परिचालन समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, समुद्री पर्यावरण की रक्षा और टिकाऊ समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में योगदान देने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व टी. शशि कुमार ने किया
भारतीय तटरक्षक बल का प्रतिनिधिमंडल 13 से 16 अक्टूबर 2026 तक कोरिया गणराज्य की आधिकारिक यात्रा पर है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इंस्पेक्टर जनरल टी. शशि कुमार ने किया, जबकि कोरिया तटरक्षक बल के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीनियर सुपरिंटेंडेंट जनरल इम म्योंग गिल ने किया। इस यात्रा और उच्चस्तरीय बैठक को दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग तथा संस्थागत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। (इनपुट: पीआईबी)


