निवेश, पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और यूएई

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने निवेश संबंधों को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के तरीकों पर चर्चा की। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को अबू धाबी के वित्त विभाग के अध्यक्ष और एल’इमाद होल्डिंग कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं ग्रुप सीईओ जासिम मोहम्मद बू अताबा अल जाबी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच निवेश प्रवाह बढ़ाने और दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

इस बैठक में विदेश मंत्रालय में खाड़ी मामलों के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन, यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री और जासिम अल जाबी ने सहयोग बढ़ाने के विभिन्न रास्तों पर विचार साझा किए और निवेश संबंधों को मजबूत करने के संभावित क्षेत्रों की पहचान की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, मिस्री ने अबू धाबी के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के अध्यक्ष मोहम्मद खलीफा अल मुबारक से भी मुलाकात की। इस दौरान सांस्कृतिक और रचनात्मक आदान-प्रदान, पर्यटन तथा ‘हाउस ऑफ इंडिया’ जैसी पहल के माध्यम से सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई।

अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान विदेश सचिव ने यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री और भारत के लिए विशेष दूत रीम अल हाशिमी से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और सहयोग को आगे बढ़ाने के नए रास्तों पर चर्चा की। इसके साथ ही पश्चिम एशिया की स्थिति और आपसी हित से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-यूएई के व्यापक रणनीतिक संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विदेश सचिव की यह आधिकारिक यात्रा भारत और यूएई के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्कों के क्रम में हुई। इसने दोनों देशों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करने का अवसर दिया।

मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा ने भारत-यूएई संबंधों की बुनियाद में मौजूद आपसी विश्वास और रणनीतिक समानता को रेखांकित किया। साथ ही, दोनों देशों ने आने वाले समय में अपनी साझेदारी को नई गति देने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

-(इनपुटः आईएएनएस)