भारत और युगांडा के बीच तीसरी संयुक्त व्यापार समिति (JTC) की दो दिवसीय बैठक 25-26 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित हुई। यह बैठक दोनों देशों के बीच 23 साल बाद हुई है, जो व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दिखाती है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, बैठक में दोनों पक्षों ने माना कि मौजूदा व्यापारिक लेन-देन उनकी वास्तविक क्षमता को प्रदर्शित नहीं करता है। इसलिए, व्यापार को बढ़ावा देने और विविधता लाने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी।
बैठक में भारत-युगांडा संयुक्त व्यापार मंच बनाने का रखा गया प्रस्ताव
बैठक में भारत-युगांडा संयुक्त व्यापार मंच बनाने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे दोनों देशों के उद्योगपतियों के बीच बेहतर संपर्क और सहयोग हो सकेगा। बैठक के दौरान खनिज, कॉफी, कोको उत्पाद, दालें, मसाले, डेयरी उत्पाद, आवश्यक तेल, प्लास्टिक कच्चा माल, फल, सब्जियां और रासायनिक अवशेष उत्पाद जैसे प्रमुख क्षेत्रों में व्यापार और निवेश बढ़ाने पर सहमति बनी।
वहीं दोनों देशों ने खनन, बैंकिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, MSME विकास, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन, महत्वपूर्ण खनिज (Rare Earth Elements-REE) और पेट्रोकेमिकल्स में सहयोग को प्राथमिकता देने पर भी चर्चा की। बैठक में भारतीय फार्माकोपिया को मान्यता देने और लोक निर्माण, कृषि, पारंपरिक चिकित्सा और टेली-मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में समझौते पर काम करने की बात भी हुई।
बैठक का उद्घाटन वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने किया। उन्होंने भारत और युगांडा के बीच गहरे आर्थिक संबंधों को उजागर किया और ई-कॉमर्स, MSME क्लस्टर विकास, फार्मास्यूटिकल्स, सौर ऊर्जा और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
भारत की ओर से बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य विभाग की आर्थिक सलाहकार प्रिया पी. नायर ने की, जबकि युगांडा की ओर से विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक सहयोग विभाग के प्रमुख राजदूत एली कामाहुंग्ये काफेरो और नई दिल्ली स्थित युगांडा उच्चायोग की प्रमुख राजदूत जॉयस किकाफुंडा काकुरामात्सी ने नेतृत्व किया। युगांडा का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न मंत्रालयों और भारत में स्थित उनके राजनयिक मिशन के अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल हुआ।
बैठक के दौरान युगांडा के प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) का दौरा भी किया, जहां उन्होंने भारत के औद्योगिक और निर्यात तंत्र की जानकारी ली। बैठक में दोनों पक्षों ने निवेश प्रोत्साहन और मानकीकरण को मजबूत करने में भी रुचि दिखाई। (Input With ANI)