एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऑफिस फिट-आउट के लिए भारत बना सबसे सस्ता, रिपोर्ट 

भारत ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति साबित करते हुए खुद को सबसे किफायती ऑफिस फिट-आउट मार्केट के रूप में स्थापित किया है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत वैश्विक कंपनियों को कम लागत, बड़े पैमाने और बेहतर गुणवत्ता का शानदार संयोजन उपलब्ध करा रहा है। कुशमैन एंड वेकफील्ड की ‘एशिया पैसिफिक ऑफिस फिट-आउट कॉस्ट गाइड 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत के प्रमुख शहरों में ऑफिस फिट-आउट की लागत 65 से 73 डॉलर प्रति वर्ग फुट के बीच है। यह लागत टोक्यो (215 डॉलर), सिडनी (161 डॉलर) और सिंगापुर (140 डॉलर) जैसे बड़े बाजारों के मुकाबले काफी कम है।

रिपोर्ट बताती है कि कम लागत के बावजूद भारत बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाले और आधुनिक कार्यस्थल विकसित करने में सक्षम है। यही वजह है कि भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। कुशमैन एंड वेकफील्ड के एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर शशि भूषण ने कहा कि भारत न सिर्फ कम लागत के कारण, बल्कि अलग-अलग शहरों में समान गुणवत्ता और मजबूत डिलीवरी क्षमता के कारण भी सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे कंपनियां बेहतर और आधुनिक ऑफिस स्पेस पर ध्यान दे रही हैं, भारत की लागत में बढ़त और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में बदलाव और ऊर्जा कीमतों के असर के बीच भारत की स्थिति और मजबूत हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत के 27 बाजारों में 2025 में प्राइम ऑफिस स्पेस की मांग 92 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई, जो 2024 में 76 मिलियन वर्ग फुट थी। इस बढ़ती मांग में भारत की अहम भूमिका रही है। देश के शीर्ष 8 शहरों ने इस क्षेत्र की कुल ऑफिस डिमांड का करीब दो-तिहाई हिस्सा संभाला है, जिससे भारत के बाजार की मजबूती और स्थिरता साफ झलकती है।

सप्लाई के मामले में भी भारत आगे है। 2026 की शुरुआत तक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में करीब 386 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस निर्माणाधीन है, जिसमें से लगभग 192 मिलियन वर्ग फुट भारत के शीर्ष 8 शहरों में बन रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब कंपनियां ऑफिस निवेश से पीछे नहीं हट रही हैं, बल्कि सोच-समझकर निवेश कर रही हैं। ऐसे में भारत उन्हें लागत, गुणवत्ता और विस्तार की बेहतर सुविधा देता है।

हालांकि, देश में मुंबई सबसे महंगा बाजार बना हुआ है, जहां ऑफिस फिट-आउट की लागत करीब 73 डॉलर प्रति वर्ग फुट है। इसकी वजह यहां मल्टीनेशनल कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) की मजबूत मांग है, जो प्रीमियम ऑफिस स्पेस की तलाश में हैं।(इनपुट-आईएएनएस)

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