भारत-चीन संबंध : यूएन चीफ ने किया बीजिंग-नई दिल्ली कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत-चीन के बीच हुए नवीनतम समझौते का स्वागत किया है। इस समझौते का मकसद द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार लाना और सीमा मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाना है। बयान में कहा गया, “हम द्विपक्षीय कूटनीति के इस प्रयास के सकारात्मक परिणाम का स्वागत करते हैं। द्विपक्षीय कोशिशों के जरिए अंतरराष्ट्रीय विवादों को निपटाने की ‘प्रशंसा’ की जानी चाहिए।”

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल चीन के दौरे पर हैं। वह विशेष प्रतिनिधियों की 23वें दौर की वार्ता में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को यहां पहुंचे। भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों की बैठक बुधवार को बीजिंग में आयोजित हुई। भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन की ओर से वांग यी ने इस बैठक में भाग लिया। वांग यी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री हैं।

इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करते हुए, दोनों नेताओं ने जमीनी स्तर पर शांतिपूर्ण स्थिति सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया, ताकि सीमा पर मुद्दे द्विपक्षीय संबंधों के सामान्य विकास में बाधा न बनें।

एनएसए डोभाल और वांग यी ने आपसी हितों के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने, सीमा पार नदियों पर डाटा साझा करने और सीमा व्यापार सहित सीमा पार सहयोग और आदान-प्रदान के लिए सकारात्मक दिशा-निर्देश दिए। (आईएएनएस)

 

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