भारत ने सऊदी अरब के साथ मजबूती से एकजुटता जताई है। हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों से जूझ रहे सऊदी अरब के प्रति भारत का रुख साफ है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद की खुली बहस के दौरान यह बात कही। मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर पी. हरीश ने कहा, “भारत सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ पूरी तरह एकजुट खड़ा है।” उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संघर्ष को बेहद चिंताजनक बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संयम बरतने तथा तनाव कम करने की अपील की।
नागरिक ठिकानों पर हमलों की कड़ी निंदा
पी. हरीश ने पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों समेत नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए लगातार हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इन हमलों में कई कीमती जानें गई हैं। इनमें रियाद में मारे गए भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली भी शामिल हैं। हैदराबाद निवासी आईटी इंजीनियर अली शनिवार को इस्लाम के पवित्र स्थलों की तीर्थयात्रा पर थे। इसी दौरान रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में उनकी मौत हो गई।
यमन की एकता और संप्रभुता का समर्थन
भारत ने यमन गणराज्य की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। पी. हरीश ने किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप को खारिज किया। हूती यमन का शक्तिशाली विद्रोही समूह है, जिसे ईरान का समर्थन मिलने की बात कही जाती है। यह समूह यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ लड़ रहा है और अब लड़ाई को पड़ोसी सऊदी अरब तक पहुंचा चुका है। सऊदी अरब यमन की सरकार का समर्थन करता है।
लाल सागर और बाब अल-मंदेब की सुरक्षा वैश्विक जिम्मेदारी
हरीश ने होर्मुज जलडमरूमध्य की संवेदनशीलता का जिक्र करते हुए कहा कि अब हूतियों ने लाल सागर में भी नया मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और दक्षिणी लाल सागर की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। यह वैश्विक हित का विषय है।” उन्होंने समुद्री आवाजाही और नाविकों पर हो रहे हमलों की भी कड़ी निंदा की। इनमें कई भारतीय नाविक भी प्रभावित हुए हैं। भारत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा समुद्री मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। (इनपुट-एजेंसी)


