केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और देश समावेशी, सतत और मज़बूत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह बात आज FICCI Leads 2025 में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन करते हुए कही।
गोयल ने कहा कि भारत की विकास गाथा तीन स्तंभों पर आधारित है—मज़बूती, समावेशिता और क्रियाशील नेतृत्व।
उन्होंने बताया कि भारत ने हमेशा संकटों को अवसरों में बदला है। चाहे Y2K की चुनौती रही हो, वैश्विक वित्तीय संकट हो या कोविड-19 महामारी—भारत ने मज़बूती दिखाई। कोविड-19 के दौरान भारत ने 2.5 अरब वैक्सीन लगाईं, किसी नागरिक को भूख से मरने नहीं दिया और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर उभरा।
उन्होंने कहा कि विकास की दूसरी विशेषता है समावेशिता। पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने 4 करोड़ परिवारों को मुफ्त घर दिए जिनमें पानी, बिजली, सड़क, डिजिटल कनेक्टिविटी और गैस की सुविधा उपलब्ध है। इससे 25 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले और समाज में बड़ा बदलाव आया।
तीसरा स्तंभ है क्रियाशील नेतृत्व। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई मुक्त व्यापार समझौते सफलतापूर्वक किए हैं। इनमें मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और EFTA देशों के साथ समझौते शामिल हैं। हाल ही में ब्रिटेन के साथ भी एक संतुलित और मज़बूत FTA पूरा हुआ है। यूरोपीय संघ और ओमान के साथ वार्ताएं अंतिम चरण में हैं, जबकि अमेरिका, न्यूजीलैंड, कतर, चिली और पेरू सहित अन्य देशों के साथ सक्रिय बातचीत चल रही है।
इन समझौतों से भारत में कम-से-कम 500 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 45 लाख करोड़ रुपये) का निवेश आने की संभावना है। केवल EFTA समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश होगा और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
गोयल ने बताया कि भारत का अनुसंधान एवं विकास (R&D) वैश्विक स्तर पर निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। भारत हर साल लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करता है, जो यूरोप या ब्रिटेन के 100 अरब डॉलर के बराबर परिणाम देता है। साथ ही, पिछले दो दशकों में भारत का शेयर बाज़ार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बाज़ारों में रहा है।
उन्होंने कहा कि सतत विकास भारत की संस्कृति और जीवन शैली में निहित है। भारत की परंपरा में नदियों, जंगलों और पहाड़ों के प्रति श्रद्धा है। जब इस दर्शन को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाता है, तो भारत की विकास क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
गोयल ने कहा कि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा, सुरक्षित निवेश वातावरण और युवा आकांक्षी जनसंख्या इसे आने वाले दशकों तक दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाए रखेगी।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भविष्य भारत का है—यह मज़बूती, समावेशिता और वैश्विक साझेदारी के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि FICCI Leads जैसे आयोजन वैश्विक सहयोग और नवाचार को आगे बढ़ाने में प्रेरक भूमिका निभाते रहेंगे।
(पीआईबी)


