भारत-इटली पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया विस्तार, तकनीकी समूह गठित करने पर सहमति

भारत और इटली ने पर्यटन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। मंगलवार को आयोजित दूसरी भारत-इटली संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक में फिल्म-पर्यटन, पर्यटन गंतव्यों का युग्मीकरण, कौशल विकास, क्षमता निर्माण और कारोबार-से-कारोबार (बी2बी) सहभागिता बढ़ाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए लक्षित तकनीकी समूह गठित करने और संपर्क बिंदु नामित करने पर भी सहमति जताई।

भारत और इटली के अधिकारियों ने की बैठक

29 सितंबर 2026 को हुई बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार और इटली के पर्यटन मंत्रालय की महासचिव इमानुएला ट्रिपी ने की। भारतीय पक्ष की ओर से पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रोम स्थित भारतीय दूतावास और भारतीय पर्यटन संचालक संघ (आईएटीओ) के प्रतिनिधि शामिल हुए। इटली के प्रतिनिधिमंडल में पर्यटन मंत्रालय, विदेश मामले एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय, नई दिल्ली स्थित इटली के दूतावास और ईएनआईटी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

पर्यटन सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा

बैठक में पर्यटन संबंधी आंकड़ों के आदान-प्रदान, कम ज्ञात पर्यटन गंतव्यों को बढ़ावा देने, फिल्म-पर्यटन, पर्यटन गंतव्यों के युग्मीकरण, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण और कारोबार-से-कारोबार (बी2बी) सहभागिता बढ़ाने जैसे क्षेत्रों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

तकनीकी समूह और संपर्क बिंदु होंगे स्थापित

बैठक के प्रमुख परिणाम के रूप में दोनों पक्षों ने सहयोग के चिन्हित क्षेत्रों में काम को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके लिए लक्षित तकनीकी समूह गठित किए जाएंगे और संबंधित हितधारकों के बीच निरंतर सहभागिता को सुगम बनाने के लिए संपर्क बिंदु नामित किए जाएंगे।

संस्कृति एवं पर्यटन वर्ष 2027 पर भी चर्चा

दोनों पक्षों ने प्रस्तावित भारत-इटली संस्कृति एवं पर्यटन वर्ष 2027 के संदर्भ में पर्यटन सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी आदान-प्रदान को और मजबूत करना है।

संस्थागत और उद्योगगत संपर्क बढ़ाने पर जोर

संयुक्त कार्य समूह की दूसरी बैठक ने पर्यटन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच संस्थागत तथा उद्योगगत संपर्क बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दोहराया। बैठक में चिन्हित क्षेत्रों में निरंतर समन्वय और सहभागिता के जरिए पर्यटन संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। (इनपुट: पीआईबी)