आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में वित्तीय सुरक्षा का प्रमुख आधार बनकर उभरी है। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपए तक का कैशलेस अस्पताल भर्ती कवरेज दिया जाता है। योजना की आठवीं वर्षगांठ के मौके पर 21 सितंबर 2026 तक 48.51 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो भारत की करीब 33% आबादी को कवर करते हैं।
13.25 करोड़ से अधिक अस्पताल दाखिलों को मिला कवरेज
31 अगस्त 2026 तक AB-PMJAY के तहत 38,000 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से करीब 13.25 करोड़ अस्पताल दाखिलों को मंजूरी दी गई है। इन उपचारों का कुल मूल्य 2.03 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है। योजना का उद्देश्य लोगों को बड़े चिकित्सा खर्च और उससे पैदा होने वाले आर्थिक बोझ से बचाना है।
27 चिकित्सा विशिष्टताओं में 1,961 प्रक्रियाएं
AB-PMJAY के तहत 27 चिकित्सा विशिष्टताओं में 1,961 प्रक्रियाओं के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मार्च 2024 में योजना का विस्तार आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं के करीब 37 लाख परिवारों तक किया गया। 21 सितंबर 2026 तक इस श्रेणी के लिए 44.81 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक भी दायरे में
11 सितंबर 2024 को योजना का विस्तार 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक किया गया। इसके तहत करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को कवरेज मिला है। 21 सितंबर 2026 तक 1.36 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं।
कमजोर परिवारों को प्राथमिकता
AB-PMJAY के तहत लाभार्थी परिवारों की पहचान सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) 2011 में निर्धारित वंचना और व्यावसायिक मानदंडों के आधार पर की जाती है। योजना में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (RSBY) के तहत पहले से कवर परिवार भी शामिल हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित मानदंड
ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवार पात्रता के दायरे में आते हैं जो SECC 2011 में निर्धारित छह वंचना मानदंडों में से एक या अधिक को पूरा करते हैं। इनमें कच्ची दीवार और कच्ची छत वाले एक कमरे के मकान में रहने वाले परिवार, 16 से 59 वर्ष के बीच वयस्क सदस्य से वंचित परिवार, महिला मुखिया वाले ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 वर्ष का कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है, दिव्यांग सदस्य वाले और सक्षम वयस्क सदस्य से वंचित परिवार, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के परिवार तथा भूमिहीन परिवार जिनकी आय का अधिकांश हिस्सा मजदूरी से आता है, शामिल हैं।
शहरी क्षेत्रों में 11 व्यावसायिक श्रेणियां
शहरी क्षेत्रों में कूड़ा बीनने वाले, भिखारी, घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर, मोची, फेरीवाले और सड़क पर सेवाएं देने वाले कामगार, निर्माण श्रमिक, प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर, सुरक्षा गार्ड और कुली, सफाईकर्मी, सैनिटेशन वर्कर और माली, घर से काम करने वाले कारीगर, हस्तशिल्प कर्मी और दर्जी, परिवहन कर्मी, ड्राइवर, कंडक्टर, रिक्शा चालक, दुकान में काम करने वाले सहायक और डिलीवरी कर्मी, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक और रिपेयर वर्कर तथा धोबी और चौकीदार जैसी श्रेणियां शामिल हैं।
विशेष पहलों के जरिए अतिरिक्त लाभार्थी
AB-PMJAY के तहत विभिन्न विशेष पहलों के जरिए भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों, PM-RAHAT के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों, SMILE पहल के तहत पात्र ट्रांसजेंडर लोगों, PM CARES for Children योजना के पात्र बच्चों, NAMASTE योजना के तहत कचरा बीनने वालों और चिन्हित सैनिटेशन वर्करों तथा PM-JANMAN के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) को भी कवर किया गया है।
बुजुर्ग महिला को आयुष्मान योजना से मिला उपचार
हरियाणा के जींद जिले की 65 वर्षीय बीरमती के फीमर की गर्दन में गंभीर फ्रैक्चर हुआ था। आयुष्मान भारत योजना के तहत उन्हें जिला आर्थोपेडिक एवं मैटरनिटी अस्पताल में 44,140 रुपए का उपचार और समय पर सर्जरी मुफ्त मिली। यह उदाहरण योजना के जरिए आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की भूमिका को दर्शाता है।
केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय साझेदारी
AB-PMJAY एक केंद्र प्रायोजित योजना है। अधिकांश राज्यों में केंद्र और राज्य के बीच फंड साझा करने का अनुपात 60:40 है। पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में यह अनुपात 90:10 है। बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार 100% वित्त पोषण करती है, जबकि विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश के बीच 60:40 के अनुपात में फंड साझा किया जाता है। वर्ष 2026-27 के लिए योजना के तहत 9,500 करोड़ रुपए के बजट का अनुमान है।
जेब से होने वाले स्वास्थ्य खर्च में कमी
सरकारी वित्त पोषण और मुफ्त या कम लागत वाली स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार से लोगों के जेब से होने वाले स्वास्थ्य खर्च में कमी आई है। AB-PMJAY के अलावा आयुष्मान भारत के अन्य प्रमुख कार्यक्रम भी देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज के विस्तार में योगदान दे रहे हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा
आयुष्मान भारत के प्रमुख स्तंभों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) शामिल हैं, जो समुदायों के करीब प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इन केंद्रों को मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत करके भी विकसित किया जाता है। यहां आवश्यक दवाएं, जांच, अतिरिक्त मानव संसाधन, बेहतर अवसंरचना और आईटी प्रणालियां उपलब्ध कराई जाती हैं।
मातृ-शिशु देखभाल से आगे बढ़ी सेवाएं
AAM में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा बीमारियों की जांच और प्रबंधन, मुख स्वास्थ्य, आंखों की देखभाल, कान-नाक-गला (ENT) सेवाएं और मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इन केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल के साथ मुफ्त आवश्यक दवाएं और जांच सेवाएं भी दी जाती हैं। आयुष सेवाओं के विस्तार के तहत आयुष AAM भी स्थापित किए गए हैं।
ई-संजीवनी के जरिए विशेषज्ञों से जुड़ाव
आयुष्मान आरोग्य मंदिर सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता तथा आउटरीच का केंद्र भी हैं। यहां नागरिक ई-संजीवनी के जरिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के अस्पतालों के विशेषज्ञों से टेलीमेडिसिन के माध्यम से जुड़ सकते हैं। 17 सितंबर 2026 तक AAM सहित अन्य केंद्रों पर 50 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श किए जा चुके हैं। AAM में अब तक 540 करोड़ से अधिक लोगों की विजिट दर्ज की गई है।
डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर रहा ABDM
सितंबर 2021 में शुरू किया गया आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) देश में नागरिक-केंद्रित राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसका आधार आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) है, जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए डिजिटल स्वास्थ्य पहचान उपलब्ध कराता है।
97.61 करोड़ से अधिक ABHA आईडी सक्रिय
17 सितंबर 2026 तक 97.61 करोड़ से अधिक ABHA आईडी सक्रिय थीं और 119.95 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड इन खातों से जोड़े जा चुके थे। ABHA उपयोगकर्ताओं में 49.74% महिलाएं, 50.26% पुरुष और 0.01% अन्य जेंडर के लोग शामिल हैं। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर 5.78 लाख से अधिक सत्यापित स्वास्थ्य सुविधाएं और करीब 11 लाख स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकृत हैं।
एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य नेटवर्क
ABDM के तहत हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री, यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस और आरोग्य सेतु 2.0 जैसी डिजिटल व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। इनके जरिए स्वास्थ्य पेशेवरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की सत्यापित जानकारी एक नेटवर्क पर उपलब्ध होती है तथा नागरिकों को अपॉइंटमेंट, परामर्श और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मिलती है।
PM-ABHIM से स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूती
कोविड-19 के अनुभव के बाद सरकार ने 25 अक्टूबर 2021 को पीएम-आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) शुरू किया। 2021-26 के लिए 64,180 करोड़ रुपए के बजट वाली इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना, रोग निगरानी बढ़ाना और शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य अनुसंधान का विस्तार करना है।
ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
PM-ABHIM के तहत 10 उच्च-प्राथमिकता वाले राज्यों में 23,224 ग्रामीण स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को समर्थन, सभी राज्यों में 13,736 शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों की स्थापना और 11 उच्च-प्राथमिकता वाले राज्यों में 3,389 ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना का प्रावधान है। इसके अलावा सभी जिलों में 744 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं और 5 लाख से अधिक आबादी वाले सभी जिलों में 631 क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक स्थापित करने की योजना है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में समन्वित प्रयास
AB-PMJAY पात्र लाभार्थियों को द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच देता है, जबकि आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को समुदायों के करीब लाते हैं। ABHA के जरिए नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य पहचान और अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंच मिलती है। वहीं PM-ABHIM स्वास्थ्य केंद्रों, प्रयोगशालाओं और क्रिटिकल केयर सुविधाओं के विस्तार के जरिए स्वास्थ्य प्रणाली की अवसंरचना और तैयारियों को मजबूत करता है। इन सभी पहलों के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पताल आधारित उपचार और स्वास्थ्य अवसंरचना के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे देश में व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। (इनपुट: पीआईबी)


