भारत-सिंगापुर रिश्ते साझा मूल्यों और परस्पर हितों पर आधारित : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को कहा कि भारत और सिंगापुर के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों और शांति व परस्पर हितों पर आधारित हैं। उन्होंने यह टिप्पणी सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में की।

पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री वोंग का भारत में उनके पहले दौरे पर स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा खास है क्योंकि इस वर्ष भारत-सिंगापुर संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। उन्होंने सिंगापुर को भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी का महत्वपूर्ण स्तंभ” बताया और कहा कि दोनों देश आसियान के साथ मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाएंगे।

इस बीच पीएम मोदी ने बताया कि 2024 में उनके सिंगापुर दौरे के दौरान दोनों देशों के रिश्ते को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष में संवाद और सहयोग की गति और मजबूती दोनों बढ़ी हैं। इसके अलावा पीएम ने सिंगापुर को दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बताया और कहा कि वहां से भारत में बड़े पैमाने पर निवेश आया है। जबकि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, जन-से-जन संपर्क और तकनीकी साझेदारी और मजबूत होते हुई है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज दोनों देशों ने भविष्य की साझेदारी के लिए विस्तृत रोड मैप तैयार किया है, जिसमें पारंपरिक क्षेत्रों के साथ उन्नत विनिर्माण, ग्रीन शिपिंग, स्किलिंग, सिविल न्यूक्लियर और शहरी जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। उन्होंने तकनीक और नवाचार को भारत-सिंगापुर रिश्तों का “मजबूत स्तंभ” बताते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम और अन्य डिजिटल तकनीकों में सहयोग बढ़ाने की घोषणा की।

उन्होंने यूपीआई और पे-नाउ को डिजिटल कनेक्टिविटी का सफल उदाहरण बताया और जानकारी दी कि अब 13 नए भारतीय बैंक इसमें जुड़ गए हैं। मोदी ने यह भी कहा कि भारत और सिंगापुर द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते और आसियान मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा तय समय पर करेंगे। दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से जेएन पोर्ट–पीएसए मुंबई टर्मिनल के दूसरे चरण का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने बताया कि सिंगापुर चेन्नई में राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना में सहयोग करेगा, जिससे उन्नत विनिर्माण क्षेत्र के लिए कुशल जनशक्ति तैयार होगी।

उन्होंने यह भी उजागर किया कि गुजरात का गिफ्ट सिटी भारत और सिंगापुर के शेयर बाजारों को जोड़ने वाला नया सेतु बन चुका है, जबकि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पार्टनरशिप एग्रीमेंट ने शोध और विकास को नई दिशा दी है। -(IANS)

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