भारत-श्रीलंका के संबंध साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित : ओम बिरला

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत और श्रीलंका सदियों पुराने सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझा बौद्ध विरासत आज भी भारत और श्रीलंका के मैत्रीपूर्ण संबंधों की मजबूत नींव है। ओम बिरला संसद भवन में श्रीलंका के ‘महिला सांसद कॉकस’ के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंका सरकार की महिला एवं बाल मामलों की मंत्री सरोजा सावित्री पॉलराज कर रही थीं।

संसदीय आदान-प्रदान को बताया संबंधों की नई ताकत

ओम बिरला ने हाल ही में एस.एम. मरिक्कर के नेतृत्व में आए श्रीलंकाई संसदीय प्रतिनिधिमंडल से हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते संसदीय आदान-प्रदान से रिश्तों को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि सांसदों के बीच निरंतर संवाद और नियमित मुलाकातों ने आपसी समझ को और मजबूत किया है।

महिलाओं की भूमिका पर दिया जोर

लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में महिलाएं शासन और राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण अब “महिलाओं के विकास” से आगे बढ़कर “महिलाओं के नेतृत्व में विकास” का हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि जब महिलाएं विकास का नेतृत्व करती हैं, तो समाज अधिक समावेशी, संतुलित और टिकाऊ बनता है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक कदम

ओम बिरला ने कहा कि नए संसद भवन में पारित पहला कानून ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ था, जो लोक सभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 % आरक्षण सुनिश्चित करता है। उन्होंने इसे भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में ऐतिहासिक कदम बताया।

स्थानीय निकायों में 14 लाख से अधिक महिला प्रतिनिधि

उन्होंने कहा कि भारत के कई राज्यों में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 % आरक्षण लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप देशभर में 14 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में सेवाएं दे रही हैं।

‘लखपति दीदी’ योजना का किया उल्लेख

आर्थिक सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए ओम बिरला ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ योजना को ग्रामीण भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

श्रीलंका ने भारत का जताया आभार

इस अवसर पर सरोजा सावित्री पॉलराज ने प्रतिनिधिमंडल के स्वागत और आतिथ्य के लिए ओम बिरला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से श्रीलंका की महिला सांसदों को भारत की महिला सशक्तिकरण योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों और डिजिटल कॉमर्स से जुड़े कार्यों को समझने का अवसर मिला।

उन्होंने कोविड-19 महामारी और ‘डितवा’ चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान श्रीलंका को सहायता देने के लिए भारत सरकार का धन्यवाद भी किया। (इनपुट: पीआईबी)

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