वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को स्विट्जरलैंड की आर्थिक मामलों की राज्य सचिव हेलिन बुडलिगर आर्टिएडाके साथ बैठक की, जिसमें भारत के फार्मा सेक्टर में निवेश संभावनाओं और सहयोग के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।
Artieda स्विस फार्मा उद्योग के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत दौरे पर हैं।
Goyal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया,
“SECO_StateSec Helene Budliger Artieda के साथ स्विस फार्मा और बायोटेक कंपनियों की बैठक की सह-अध्यक्षता की। बातचीत R&D सहयोग बढ़ाने और भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती का लाभ उठाते हुए स्विस फार्मा कंपनियों के निवेश अवसरों के विस्तार पर केंद्रित रही।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और EFTA देशों के बीच Trade and Economic Partnership Agreement (TEPA) के तहत हुई प्रगति पर भी चर्चा की गई, ताकि प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाया जा सके।
Artieda ने भी X पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने Secretary of Finance Anuradha Thakur के साथ Bilateral Investment Treaty को तेजी से आगे बढ़ाने पर रचनात्मक चर्चा की।
उन्होंने कहा, “यह हमारे निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता है।”
स्विट्जरलैंड की राजदूत Maya Tissafi ने Artieda के भारत आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि Goyal के साथ उनकी बैठक का उद्देश्य “नियामक ढांचे को मजबूत करना और सहयोग को गहरा करना” है। उन्होंने कहा कि ये कदम नए निवेश को आकर्षित करने और TEPA को पूरी तरह लागू करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
भारत और EFTA देशों — स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और लिचेंस्टाइन — के बीच TEPA 1 अक्टूबर से लागू हो चुका है। यह समझौता पिछले वर्ष 10 मार्च को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हुआ था। EFTA अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सेवाओं के विस्तार के कई अवसरों वाला एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय समूह है।
समझौता मुख्य रूप से वस्तुओं के बाजार तक पहुंच, व्यापार सुगमता, निवेश प्रोत्साहन, सेवाओं के बाजार तक पहुंच, बौद्धिक संपदा अधिकार, व्यापार और सतत विकास पर केंद्रित है।
इसके तहत EFTA देशों ने 100 प्रतिशत non-agricultural products पर बाजार पहुंच और Processed Agricultural Products पर शुल्क रियायतें दी हैं। इसके अलावा, समझौता अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की बाध्यकारी प्रतिबद्धता भी प्रदान करता है, जिससे लगभग एक मिलियन प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
TEPA भारतीय निर्यातकों को विशेष इनपुट तक बेहतर पहुंच देगा और अनुकूल व्यापार एवं निवेश वातावरण तैयार करेगा। इससे भारतीय माल के निर्यात में वृद्धि होगी और सेवाओं के क्षेत्र को नए बाजारों में अवसर मिलेंगे।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, EFTA Desk इस वर्ष फरवरी से सक्रिय है, जो निवेश को सरल बनाने और EFTA व्यवसायों को भारत में संचालन स्थापित करने एवं विस्तार करने में सहायता के लिए एक single-window प्रणाली के रूप में काम कर रहा है।


