ब्राजील चुनाव : लूला पर बढ़त बनाने वाले फ्लावियो बोल्सोनारो कौन हैं?

ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे और दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा पर बढ़त बना ली है। दोनों उम्मीदवार अब 25 अक्टूबर को होने वाले दूसरे दौर के मतदान में आमने-सामने होंगे। फ्लावियो बोल्सोनारो को पहले दौर में करीब 47.3 प्रतिशत वोट मिले, जबकि लूला दा सिल्वा को लगभग 44.8 प्रतिशत मत हासिल हुए। चूंकि किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वोट नहीं मिले, इसलिए ब्राजील के चुनावी नियमों के तहत शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच अब निर्णायक मुकाबला होगा।

पहले दौर के नतीजों ने ब्राजील की राजनीति में एक बार फिर गहरी वैचारिक खाई को सामने ला दिया है। एक तरफ लूला के नेतृत्व वाला वामपंथी गठबंधन है, जो सामाजिक कल्याण और आर्थिक नीतियों को अपनी राजनीति का अहम हिस्सा बनाता रहा है। दूसरी तरफ फ्लावियो बोल्सोनारो दक्षिणपंथी राजनीति और अपने पिता जायर बोल्सोनारो की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

फ्लावियो की बढ़त इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ब्राजील की राजनीति में बोल्सोनारो परिवार का प्रभाव अभी भी कायम है। जायर बोल्सोनारो 2019 से 2022 तक ब्राजील के राष्ट्रपति रहे थे। 2022 के चुनाव में उन्हें लूला से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उनके समर्थकों की ओर से चुनाव परिणामों को चुनौती देने और सत्ता परिवर्तन को रोकने की कोशिशों ने देश की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित किया। उन्हें साजिश रचने के आरोप में 27 साल की सजा मिली। ब्राजीली मीडिया के अनुसार फ्लावियो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी माना जाता है।

दूसरे दौर के चुनाव में अब उन मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है जिन्होंने पहले दौर में अन्य उम्मीदवारों का समर्थन किया था। चुनावी मुकाबला बेहद करीबी रहने के कारण छोटे दलों और तीसरे स्थान पर रहे उम्मीदवारों के समर्थकों का रुख दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। चुनाव अभियान में महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत, अपराध, लोकतंत्र, धर्म और अमेरिका के साथ ब्राजील के संबंध जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं। मतदाताओं के लिए आर्थिक स्थिति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े सवाल भी अहम बने हुए हैं।

ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और क्षेत्रीय राजनीति में उसका महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम देश की घरेलू राजनीति के साथ-साथ उसकी विदेश नीति और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका को भी प्रभावित कर सकता है। 25 अक्टूबर का दूसरा दौर इसलिए खास होगा क्योंकि पहले दौर के बाद दोनों खेमे अब उन मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करेंगे, जिन्होंने किसी अन्य उम्मीदवार को वोट दिया था। फिलहाल चुनावी तस्वीर खुली है और अंतिम फैसला ब्राजील के मतदाता दूसरे दौर के मतदान में करेंगे।(इनपुट-आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

06/11/26 | 4:19 pm | India US military exercise

भारत-अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास टाइगर ट्रायम्फ 2026 संपन्न, विशाखापत्तनम में हुआ समापन समारोह

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभ्यास 'टाइगर ...

06/11/26 | 8:45 am | Democrats

ट्रंप ने ईरान पर और सैन्य कार्रवाई के दिए संकेत, डेमोक्रेट्स युद्ध खत्म करने की कर रहे तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। हाल...