भारत ने आतंकवाद को निशाना बनाया, नागरिकों या सैन्य प्रतिष्ठानों को नहीं : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज शुक्रवार को हैदराबाद में जैन इंटरनेशनल ट्रेड कम्युनिटी (JITO) के कार्यक्रम में कहा कि भारत ने हमेशा आतंकवाद को ही निशाना बनाया है, न कि नागरिकों या सैन्य प्रतिष्ठानों को। उन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर को भारत की नागरिकों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए गए ठोस कदम बताया। राजनाथ सिंह ने कहा, “जब भी भारत का गौरव और सम्मान दांव पर लगा, हमने कोई समझौता नहीं किया। पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देते समय भी हमने आतंकवादियों का धर्म नहीं देखा, बल्कि सीधे आतंकवाद को निशाना बनाया।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की बढ़ती सैन्य और आर्थिक शक्ति का उद्देश्य किसी पर प्रभुत्व जमाना नहीं है, बल्कि अपने सांस्कृतिक मूल्यों, आध्यात्मिक परंपराओं और भगवान महावीर के मानवीय आदर्शों की रक्षा करना है। रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात 2014 में जहां केवल 600 करोड़ रुपये था, वहीं आज यह 24,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक रक्षा निर्यात 50,000 करोड़ रुपये को पार कर जाए। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सशस्त्र बल तेजस लड़ाकू विमान, आकाश मिसाइल, और अर्जुन टैंक जैसे स्वदेशी हथियारों और प्लेटफॉर्म से लैस हो रहे हैं। हाल ही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से 97 हल्के लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए समझौता हुआ है, जिसमें 64% से अधिक सामग्री स्वदेशी है।

उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया और कहा, “आज भारत खिलौनों से लेकर टैंकों तक सब कुछ बना रहा है। भारत तेजी से दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है और वह दिन दूर नहीं जब भारत दुनिया की फैक्ट्री के रूप में उभरेगा। यह सब सरकार की साफ नीयत और राष्ट्रहित में बनी नीतियों की वजह से संभव हो रहा है।”

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने भारत की आर्थिक प्रगति पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत इस समय दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की रिपोर्ट के अनुसार, औसत विकास दर को देखते हुए भारत 2038 तक क्रय शक्ति समता (PPP) के आधार पर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा।-(IANS)

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