भारत-यूके FTA को बताया ‘न्यू गोल्ड स्टैंडर्ड’, ब्रिटिश उच्चायुक्त बोलीं– द्विपक्षीय व्यापार में होगी 25 अरब पाउंड की बढ़ोतरी

भारत-यूनाइटेड किंगडम कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के आज बुधवार से लागू होने पर ब्रिटेन की भारत में उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने इसे दोनों देशों के संबंधों में “ऐतिहासिक क्षण” बताया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कैमरन ने इस समझौते को व्यापार समझौतों का ‘न्यू गोल्ड स्टैंडर्ड’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अब तक का सबसे व्यापक और आधुनिक मुक्त व्यापार समझौता है, जिसमें 30 चैप्टर्स शामिल हैं।

प्रमुख बातें:

– लंबे समय में द्विपक्षीय व्यापार में 25 अरब पाउंड से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद।
– दोनों देशों की संयुक्त जीडीपी में 5 अरब पाउंड का इजाफा संभव।
– भारत के 99% निर्यात को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुंच।
– ब्रिटेन के निर्यात की 90% टैरिफ लाइनों पर शुल्क कम या समाप्त।

उच्चायुक्त ने कहा कि इस FTA से छोटे-बड़े सभी व्यवसायों, खासकर बुनियादी ढांचा, स्वच्छ ऊर्जा, वित्तीय सेवाएं, विनिर्माण, रचनात्मक उद्योग और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को विशेष फायदा होने वाला है। पर्यावरण और हरित प्रौद्योगिकी से जुड़े 98% उत्पादों को उदार व्यापार व्यवस्था में शामिल किया गया है, जिससे भारत के ऊर्जा परिवर्तन कार्यक्रम को गति मिलेगी।

सरकारी खरीद के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे। ब्रिटिश कंपनियों को भारत के 38 अरब पाउंड वाले केंद्रीय सरकारी खरीद बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जबकि भारतीय कंपनियों को ब्रिटेन की सरकारी परियोजनाओं में भाग लेने का मौका मिलेगा। लिंडी कैमरन ने पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंजीनियर, सलाहकार और अन्य पेशेवरों के लिए दोनों देशों के बीच कामकाजी आवाजाही बढ़ेगी। 

वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग, बीमा, फिनटेक और बौद्धिक संपदा अधिकारों की बेहतर सुरक्षा से भी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। ब्रिटिश उच्चायुक्त ने इस समझौते को आधुनिक भारत-ब्रिटेन साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रोजगार और आर्थिक सहयोग के नए द्वार खुलेंगे। यह FTA भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला माना जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)